देवेन्द्र सुरजन
मेघना और पूनम पांडे में कोई फर्क नहीं है जो किसी और के लिये न्यूड फोटो तो क्या न्यूड दौड़ने के लिये भी तैयार थी। दूसरी एक राखी सावंत है जो रामदेव के कथित कौमार्य को ठिकाने लगा देना चाहती थी।
एक पाकिस्तानी अदाकारा वीना मलिक जो इन दिनों हिन्दुस्तान में हैं- बिग बॉस में भी थी- इसके- उसके साथ जुड़ने में बहुत उत्सुक हैं और चौथी भारतीय मूल की कनाडियन सनी लियोंन है जिसके लिये सरकार ने ही सारे बंधन मुक्त कर दिये हैं। इन सबका मकसद जल्दी सफलता पाना है।
वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी ने बड़ा वाजिब प्रश्न किया है कि मोदी समर्थक अब तक चुप क्यों बैठे हैं। मोदी जी की सहमति हो या न हो उनके लिये तो यह भी प्रचार का एक बड़ा माध्यम बन गया है।
प्रश्न यह है कि जब सलमान अपनी फिल्म को टैक्स फ्री कराने के लिये मोदी जी के साथ पतंग उड़ा सकते हैं तो क्यों नहीं मेघना उसी पतंग बराबर कागज से अपने अंग छुपाकर मोदी का अयाचित प्रचार कर सकती ?
मोदी जी का नाम पहले माधुरी के साथ जुड़ ही चुका है। दो-दो आयोग बैठ गये हैं जाँचने, उसकी जासूसी किये जाने के कारणों को लेकर, लेकिन जाँच कहाँ तक पहुँची यह शायद ही कभी सार्वजनिक हो।
कल की खबर है कि मोदी जी की परित्यक्ता जसोदा बेन भूमिगत हो गयी हैं। कुछ ने उनके अगवा कर लिये जाने की आशंका की है तो कुछ ने उनकी सुरक्षा की माँग कर डाली है।
अमर उजाला ने कुछ दिन पहले ही उनका साक्षात्कार प्रकाशित किया था। जसोदा बेन का अंतर्ध्यान हो जाना कहीं उसी साक्षात्कार की तो परिणति नहीं है। फिलहाल हम उनके सुरक्षित होने की कामना करते हैं।
बहरहाल, मोदी के मनचले मेघना की चंचलता या शैतानी पर शायद ही कोई आपत्ति करें या सबक सिखाने मेघना के घर को ही घेर लें।
हाँ ! ठाकरे के लिये यदि उसने ऐसी गुस्ताखी की होती तो यकीन मानिए ठाकरे भक्त मेघना को ठोंक कर रख देते।
देवेन्द्र सुरजन, लेखक प्रतिष्ठित “देशबंधु” अखबार समूह के पूर्व निदेशक हैं