सहारनपुर दंगे में भाजपा की भूमिका-जाँच दल
सहारनपुर दंगे में भाजपा की भूमिका-जाँच दल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हाल में हुए दंगों की जांच के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव की अगुवाई में गठित दल ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें भाजपा सांसद राघव लखनपाल की दंगे में भूमिका होने का आरोप लगाया गया है।
एक प्रमुख अखबार में एजेंसी के हवाले से प्रकाशित ई-खबर में कहा गया है कि सपा के राष्ट्रीय महासचिव नरेश अग्रवाल ने बताया कि जांच दल ने हाल में मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में साफ दर्शाया गया है कि अधिकारियों की नाकामी से यह दंगा हुआ। यह साम्प्रदायिक नहीं, बल्कि लापरवाही का दंगा था। उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारियों पर मुकदमा कर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि अधिकारी सचेत हों और भविष्य में लापरवाही न हो। साथ ही एक संदेश भी जाए कि गलती करने पर कार्रवाई होगी।
अग्रवाल ने कहा, ‘‘दंगे में वहाँ के एक भाजपा सांसद की भूमिका भी सामने आई है। भाजपा दूध की धुली नहीं है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहूँगा कि वह लालकिले से तो कहते हैं कि साम्प्रदायिकता को 10 साल के लिए रोक कर देखा जाए लेकिन अपनी ही पार्टी के साम्प्रदायिक तत्वों को नहीं रोक पा रहे हैं।’’
सपा महासचिव ने कहा ‘‘यह तो वही बात हुई कि चोर से कहो चोरी करो, शाह से कहो जागते रहो। यह दोमुँही नीति नहीं चलेगी। मोदी जी को इस पर स्पष्ट नीति घोषित करनी चाहिए।’’
खबर में कहा गया है कि जाँच दल ने अपनी रिपोर्ट में भाजपा के स्थानीय सांसद राघव लखनपाल पर शहर में घूम-घूमकर दंगाइयों को उकसाने का आरोप लगाया है। रिपोर्ट के मुताबिक दंगे के लिए प्रशासनिक लापरवाही जिम्मेदार रही है और फसाद भड़कने के बाद ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ।
सूत्रों के मुताबिक जाँच रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रशासन ने लापरवाही बरतते हुए हिंसा से पहले वाली रात को विवादित स्थल पर लेंटर डालने की अनुमति दे दी, जो नहीं दी जानी चाहिए थी। साथ ही प्रशासन ने अदूरदर्शितापूर्ण रवैया अपनाते हुए मौके पर भीड़ को एकत्र होने से नहीं रोका।
गौरतलब है कि विगत 26 जुलाई को सहारनपुर के कुतुबशेर इलाके में एक विवादित स्थल पर निर्माण कार्य को लेकर दो अल्पसंख्यक समुदायों के बीच हिंसा भड़क उठी थी। इस दौरान तीन लोगों की मौत हो गई थी तथा 20 अन्य जख्मी हो गए थे। दंगाइयों ने अनेक दुकानें जला दी थीं।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दंगे की जांच के लिए लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव की अगुवाई में एक दल गठित किया था। इस दल में ग्राम्य विकास मंत्री अरविन्द सिंह गोप, प्राविधिक शिक्षा मंत्री शिवाकान्त ओझा, युवा कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष आशू मलिक तथा मुरादाबाद के सपा जिलाध्यक्ष हाजी इकराम कुरैशी भी शामिल थे।
जांच दल ने सहारनपुर जाकर दोनों समुदायों के लोगों तथा प्रतिनिधियों से बातचीत की थी। इसके अलावा उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से भी गुफ्तगू की थी। इस बीच, भाजपा ने सहारनपुर दंगे की जांच के लिए गठित दल की रिपोर्ट को विरोधाभासी बताया है।
भाजपा प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट एक तरफ तो दंगे के लिए प्रशासनिक नाकामी को जिम्मेदार ठहराती है, वहीं एक भाजपा सांसद पर भी आरोप लगाती है। जब प्रशासन की नाकामी सामने आ रही है तो इसके लिए भाजपा कैसे जिम्मेदार हो सकती है? उन्होंने कहा कि सपा राजनीतिक फायदा लेने के लिए भाजपा पर आरोप लगा रही है।
पाठक ने कहा कि वह जाँच समिति सपा की थी, राज्य सरकार की नहीं। आप उस सपा से और क्या उम्मीद कर सकते हैं जो अपनी ही सरकार की नाकामी को छुपाती रहती है।
उधर भाजपा सांसद राघव लखनपाल का बयान भी मीडिया में आया है कि आगामी उपचुनाव में सपा एक वर्ग विशेष का वोट बैंक अपने पाले में करने के लिये ऐसा कर रही है और इस तरह उसने एक घटिया राजनीतिक सोच का परिचय दिया है ।
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