‘साइकिल’ पर दावा - दोनों गुटों ने कसी कमर, अखिलेश खेमे में मच सकती है भगदड़
‘साइकिल’ पर दावा - दोनों गुटों ने कसी कमर, अखिलेश खेमे में मच सकती है भगदड़
‘साइकिल’ पर दावा - दोनों गुटों ने कसी कमर, अखिलेश खेमे में मच सकती है भगदड़
लखनऊ, 05 जनवरी। समाजवादी पार्टी (सपा) संस्थापक व अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और उनके पुत्र एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच सुलह समझौते की संभावना लगभग खत्म होती दिख रही है। इसके मद्देनजर चुनाव चिन्ह ‘साइकिल’ पर अपना अपना दावा मजबूत करने के लिये दोनो खेमे पूरी शिद्दत से जुट गये हैं।
समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके चुनाव निशान साइकिल के दावे पर दलील सुनने के लिये निर्वाचन आयोग ने दोनो पक्षों को नौ जनवरी को पर्याप्त सबूत के साथ पेश होने को कहा है।
मुलायम सिंह यादव अपने अनुज व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के साथ एक बार फिर दिल्ली कूच कर गये हैं, जबकि अखिलेश यादव पार्टी विधायकों से मुलाकात कर चुनाव आयोग के सामने पेश किये जाने वाले हलफनामे पर उनके हस्ताक्षर ले रहे हैं। उधर खबर है कि विधायक आने वाले समय में नफा-नुकसान तोल रहे हैं।
बताया जाता है कि विधायकों की बेचैनी बढ़ गई है कि अगर साइकिल चुनाव चिन्ह जब्त हो गया तो चुनाव में दिक्कत बढ़ जाएगी। वैसे भी अखिलेश एंड कंपनी मौजूदा विधायकोंके टिकट काटने का ही अधिकार मांग रही थी, जिसे मुलायम-शिवपाल ने खारिज कर दिया था। दूसरी तरफ अखिलेश खेमे का कांग्रेस से तालमेल की खबरों से भी विधायकों की बेचैनी बढ़ रही है,क्यों कि तालमेल होने पर कम से कम 125 सीटें छोड़नी पड़ेंगी। इसलिए एक-दो दिन में अखिलेश खेमे में भगदड़ मच सकती है।
एक सपा विधायक ने बैठक से बाहर निकलने के बाद संवाददाताओं को बताया
“मुख्यमंत्री ने विधायकों से अपने अपने क्षेत्र में जाकर चुनाव प्रचार में जुट जाने को कहा है। हमने एक कागज पर हस्ताक्षर किये हैं जिसमें खुद का पूरा ब्योरा दर्ज किया है।“


