रामेंद्र जनवार
जासूसी उपन्यासों के प्रख्यात लेखक असरार अहमद उर्फ इब्ने सफी, बी.ए. ने उर्दू में गोइन्दा जगत सीरीज के जासूसी उपन्यासों की लम्बी श्रंखला लिख कर जासूसी लेखन की दुनिया में धूम मचा दी थी। उनकी उर्दू में लिखी गोइन्दा जगत श्रंखला का हिन्दी अनुवाद प्रेम प्रकाश बी.ए. ने जासूसी दुनिया के नाम से किया।
उनके जासूस पात्र कर्नल विनोद और उनके सहायक कैप्टन हमीद के कारनामें आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं। उनके हास्य पैदा करने वाले पात्र कासिम कर्नल विनोद के सहायक कैप्टन हमीद के मित्र के रूप में सामने आते हैं और पाठकों को हँसाते भी खूब हैं।

मैने भी जासूसी दुनिया श्रंखला दीवानगी की हद तक जाकर पढ़ी है।
पाठ्यपुस्तकों के बीच रखकर जासूसी दुनिया का नया उपन्यास पढ़ना उन दिनों हमारे जैसे तमाम युवाओं की अनिवार्यता बन गई थी। ...और युवा वर्ग ही नहीं सभी आयुवर्ग के लोग इब्ने सफी के जासूसी उपन्यासों के दीवाने थे....

आज 26 जुलाई है इब्ने सफी का जन्म दिन...

26 जुलाई 1928 को वे इलाहाबाद में पैदा हुए थे....1947 में बँटवारे के पहले तक वह यहीं रहकर लिखते रहे और बँटवारे के बाद पाकिस्तान चले गए। मात्र 52 वर्ष की अल्पायु में ही उनका निधन हो गया था।
आज उनकी यौमे विलादत पर उन्हें खिराजे अकीदत पेश करते हुए उनके पाठक के रूप में खुद को गौरवान्वित अनुभव कर रहा हूँ।

हमारी यादों में आप हमेशा जिन्दा रहेंगे इब्ने सफी साहब.....