स्तंभ - Page 27
अरण्य की मन महाश्वेता देवी के शब्दों में बहुत खच्चर लेखक थे नवारुण भट्टाचार्य
अपनी भाषा के प्रति बेहद सजग थे नबारुन भट्टाचार्य. महाश्वेता देवी और उनके पुत्र नवारुण भट्टाचार्य बांग्ला के ऐसे मात्र दो साहित्यकार हैं, जो देश...
संचार क्रांति और तुलसीदास
आज भी तुलसीदास सबसे ज्यादा पढ़े, सुने और देखे जा रहे हैं। इलैक्ट्रोनिक मीडिया के जमाने में अब सब कुछ संचित करके रख सकते हैं। ज्ञान का सार्वभौम की बजाय...















