हस्तक्षेप - Page 55

अरण्य की मन महाश्वेता देवी के शब्दों में बहुत खच्चर लेखक थे नवारुण भट्टाचार्य
स्तंभ

अरण्य की मन महाश्वेता देवी के शब्दों में बहुत खच्चर लेखक थे नवारुण भट्टाचार्य

अपनी भाषा के प्रति बेहद सजग थे नबारुन भट्टाचार्य. महाश्वेता देवी और उनके पुत्र नवारुण भट्टाचार्य बांग्ला के ऐसे मात्र दो साहित्यकार हैं, जो देश...

अपनी समस्याओं को हल करने के लिए मुसलमानों को क्या करना होगा? जस्टिस काटजू का लेख
आपकी नज़र

अपनी समस्याओं को हल करने के लिए मुसलमानों को क्या करना होगा? जस्टिस काटजू का लेख

भारत में व्यवस्था बदलने पर ही मुसलमान बिना किसी भेदभाव और उत्पीड़न के रह पाएंगे। लेकिन वे अकेले सिस्टम को नहीं बदल सकते। ऐसा करने के लिए उन्हें अपने...

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