From One Nation, One Election to the Presidential System: RSSs Vision, Ambedkars Warning, and the Crisis of Democracy
शब्द

‘एक देश, एक चुनाव’ से राष्ट्रपति पद्धति तक: संघ की सोच, अंबेडकर की चेतावनी और लोकतंत्र का संकट

एक देश, एक चुनाव’ से राष्ट्रपति पद्धति तक संघ की सोच, अंबेडकर की संवैधानिक नैतिकता और भारत में लोकतंत्र पर मंडराते ख़तरे का एक पुस्तक समीक्षा के जरिए...

भारत का बंटवारा धर्म के नहीं, धर्मनिरपेक्षता के आधार पर हुआ था: एक ऐतिहासिक विश्लेषण
आपकी नज़र

भारत का बंटवारा धर्म के नहीं, धर्मनिरपेक्षता के आधार पर हुआ था: एक ऐतिहासिक विश्लेषण

भारत का विभाजन धर्म के आधार पर नहीं बल्कि धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत पर हुआ था। शाहनवाज़ आलम के इस विश्लेषण में जानें कैसे भारतीय राष्ट्रवाद ने...

Share it