शब्द
पचास वर्ष बाद: दुष्यंत कुमार का पुनर्पाठ क्यों आवश्यक है?
दुष्यंत कुमार की 50वीं पुण्यतिथि पर विशेष लेख। जानिए कैसे ‘साये में धूप’ के रचयिता ने हिंदी-उर्दू की साझा परंपरा को जोड़ते हुए हिंदी ग़ज़ल को नया...
रूस्तावली नेशनल थिएटर में भारतीय लेखिका कविता अरोरा की पुस्तक ‘शाम की टपरी’ का अंतरराष्ट्रीय विमोचन
रूस्तावली नेशनल थिएटर, जॉर्जिया में भारतीय लेखिका कविता अरोरा की पुस्तक ‘शाम की टपरी’ का अंतरराष्ट्रीय विमोचन भारत–जॉर्जिया सांस्कृतिक संवाद का प्रतीक...














