साहित्यिक कलरव
रूस्तावली नेशनल थिएटर में भारतीय लेखिका कविता अरोरा की पुस्तक ‘शाम की टपरी’ का अंतरराष्ट्रीय विमोचन
रूस्तावली नेशनल थिएटर, जॉर्जिया में भारतीय लेखिका कविता अरोरा की पुस्तक ‘शाम की टपरी’ का अंतरराष्ट्रीय विमोचन भारत–जॉर्जिया सांस्कृतिक संवाद का प्रतीक...
एक दलित : अब मैं कोई जश्न नहीं मनाता हूँ
दलित उपलब्धियों के जश्न और वास्तविक पीड़ा के बीच का अंतर उजागर करती आनंद दास की प्रभावशाली कविता—एक गहरा सामाजिक दस्तावेज़।














