क्या भारत को आधुनिक सोच वाली तानाशाही की आवश्यकता है?
जातिवाद और साम्प्रदायिकता सामंती ताकतें हैं, यदि भारत को आगे बढ़ाना है तो इन्हें नष्ट करना होगा, लेकिन संसदीय लोकतंत्र उन्हें और भी जकड़े हुए है।...
आरफा खानम शेरवानी को कुलदीप नैयर पत्रकारिता सम्मान पुरस्कार दिए जाने पर जस्टिस काटजू को आपत्ति क्यों...
हिंदुओं और मुसलमानों दोनों के बीच सामंती, पिछड़ी प्रथाओं की निंदा करनी चाहिए। लेकिन आरफा खानम शेरवानी केवल हिंदू समाज में फैली बुराइयों की आलोचना करती...





