जो सुख प्राप्ति का जीवन जी रहा है, पूंजीपतियों को गरीबों का खून चुसवा रहा है, किसानों की ज़मीन निगल रहा है, वह योग करेगा और करवाएगा।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस पर तगड़ा प्रहार करते हुए योग दिवस को “ अंतर्राष्ट्रीय तोंद डे ” कहा है।
लालू प्रसाद यादव ने इस संबंध में कई ट्वीट किए हैं।
लालू ने ट्वीट किया है – “बीजेपी के अधिकांश राष्ट्रीय नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों, आरएसएस के पदाधिकारियों की तोंद फूली हुई है। भाजपा के नेताओं की चर्बी अधिक बढ़ गयी है।”
राजद मुखिया ने लिखा “योग जैसे व्यक्तिगत मसले को प्रचार-प्रसार की मदद से मोदी सरकार अपना PR बनाने में जुटी है। ये शरीर को स्वस्थ बनाने का नहीं राजनीति का योग है।” उन्होंने लिखा, “अगर ये भाजपाई योग के इतना ही हिमायती होते, जितना कि ये शोरगुल मचा रहे हैं तो इनकी तोंद इतनी नहीं फूलती?”
लालू ने ट्वीट किया, “योग करने वाले अलग ही दिखते हैं फिर एक दिन के लिए ये सब ढकोसला क्यों? मैं योग का विरोधी नहीं, पर लोगों को बेवकूफ बनाने के पाखंड का धुर विरोधी हूँ।” उन्होंने लिखा, “हमारे देश में करोड़ों लोग भूखे सोते हैं। रिक्शा चलाने वाले को योग की क्या जरूरत? मजदूर को योग की क्या जरुरत जो दिन भर शारीरिक श्रम करता है। किसान पूरे दिन कसरत करता है, खेत-खलिहान में पसीना बहाता है। उन गरीबों और कमेरे वर्गों को योग की जरुरत नहीं, जो मेहनत की रोटी खाते हैं।”
लालू ने तंज कसा, “जो सुख प्राप्ति का जीवन जी रहा है, पूंजीपतियों को गरीबों का खून चुसवा रहा है, किसानों की ज़मीन निगल रहा है, वह योग करेगा और करवाएगा।”

Difference between practitioner and preacher..First PM Nehru Ji doing "शीर्षासन" and current PM Modi Ji doing "आसन" pic.twitter.com/MFzPgrRWVA
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) June 21, 2015

बीजेपी के अधिकांश राष्ट्रीय नेताओं,केंद्रीय मंत्रियों,आरएसएस के पदाधिकारियों की तोंद फुली हुई है.भाजपा के नेताओं की चर्बी अधिक बढ़ गयी है.
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) June 21, 2015

योग जैसे व्यक्तिगत मसले को प्रचार-प्रसार की मदद से मोदी सरकार अपना PR बनाने में जुटी है। ये शरीर को स्वस्थ बनाने का नहीं राजनीति का योग है.

— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) June 21, 2015

अगर ये भाजपाई योग के इतना ही हिमायती होते जितना की ये शोरगुल मचा रहे है तो इनकी तोंद इतनी नहीं फूलती? pic.twitter.com/ikrf5Pmy2b

— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) June 21, 2015

योग करने वाले अलग ही दिखते है फिर एकदिन के लिए ये सब ढकोसला क्यों?मैं योग का विरोधी नहीं पर लोगों को बेवकूफ बनाने के पाखंड का धुर विरोधी हूँ
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) June 21, 2015

हमारे देश में करोड़ों लोग भूखे सोते हैं. रिक्शा चलाने वाले को योग की क्या जरूरत? मजदुर को योग की क्या जरुरत जो दिन भर शारीरिक श्रम करता है.
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) June 21, 2015

किसान पुरे दिन कसरत करता है, खेत-खलिहान में पसीना बहाता है। उन गरीबो और कमेरे वर्गों को योग की जरुरत नहीं जो मेहनत की रोटी खाते है.
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) June 21, 2015

जो सुख प्राप्ति का जीवन जी रहा है, पूंजीपतियों को गरीबों का खून चुसवा रहा है, किसानों की ज़मीन निगल रहा है वह योग करेगा और करवाएगा.
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) June 21, 2015