अपर्णा यादव को सपा का टिकट, रीता जोशी से होगा मुकाबला
अपर्णा यादव को सपा का टिकट, रीता जोशी से होगा मुकाबला
लखनऊ, 22 जनवरी। समाजवादी पार्टी में पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा शिवपाल सिंह यादव को परास्त करने के बाद अब सपा के सुप्रीमो अखिलेश यादव के लिए भविष्य में घर के अंदर से चुनौती मिलने की संभावनाएं खत्म नहीं हुई हैं। विवाद के वक्त अखिलेश यादव के सिपहेसालार अपदस्थ सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह की जिन पत्नी के ऊपर विवाद की जड़ होने का आरोप लगा रहे थे, अब झक मारकर पार्टी को उन्हीं की पुत्रवधु और भविष्य में अखिलेश यादव का विकल्प बनने के लिए तैयार अपर्णा यादव को टिकट देना पड़ा है।
उप्र की लखनऊ कैंट विधानसभा सीट से मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे की बहू अपर्णा यादव को टिकट दिया है। इस सीट पर भाजपा ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी का नाम आगे किया है, जो पिछले चुनाव में यहीं से जीती थीं।
अपर्णा यादव, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी के बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं। अपर्णा मूलतः पहाड़ी मूल की हैं और इस सीट पर पहाड़ी मतदाताओं की संख्या ज्यादा है।
बताया जाता है कि मुलायम सिंह यादव ने जब पहली सूची का खाका अखिलेश यादव को भेजा था तो उसमें अपर्णा का नाम था। लेकिन अखिलेश द्वारा दी गई जवाबी सूची में लखनऊ कैंट में किसी उम्मीदवार का नाम नहीं था और वह जगह खाली छोड़ दी गई थी। लेकिन अब नई घोषणा के बाद यह बात साफ हो गई है कि यादव परिवार की एक और बहू चुनावी मैदान में आ गई हैं।
बता दें अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव, कन्नौज लोकसभा क्षेत्र से सपा सांसद हैं।
लखनऊ कैंट विधानसभा सीट पर सपा कभी नहीं जीत दर्ज नहीं करा पाई है। चर्चा है कि अपना आधार मज़ूबत करने के लिए अपर्णा वहां पहले से काफी मेहनत भी कर रही हैं।
समझा जाता है कि बीच चुनाव में किसी विवाद से बचने के लिए अपर्णा को टिकटदेने की घोषणा की गई है, क्योंकि कल अपनी फेसबुक टाइमलाइन पर एक चित्र शेयर करके उन्होंने संकेत दे दिया था अगर पार्टीटिकट नहीं भी देगी तो भी वे अकेले मैदान में उतरेंगीं।
अपर्णा यादव की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं जगजाहिर हैं। वह राजनीति में आने से पहले एनजीओ बनाकर सक्रिय सार्वजनिक जीवन में प्रवेश कर चुकी हैं और युवाओं में उनका चार्म अखिलेश यादव के मुकाबले 19 नहीं है।


