अमित शाह की यात्रा से पहले बहराईच को खुफिया एजेंसियां बदनाम करने की फिराक में- रिहाई मंच
अमित शाह की यात्रा से पहले बहराईच को खुफिया एजेंसियां बदनाम करने की फिराक में- रिहाई मंच
सिमी के नाम पर बदनाम किए जा रहे बहराईच का दौरा करेगा रिहाई मंच
मुख्यमंत्री आवास के पास छात्रा का शव मिलना महिला सुरक्षा पर सरकार की नाकामी की नजीर
लखनऊ 16 फरवरी 2016। बहराईच में सिमी के नाम पर बेगुनाह मुसलमानों को आतंकित करने की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों की साजिश को बेनकाब करने के लिए रिहाई मंच कल 17 फरवरी को बहराईच का दौरा करेगा। मुख्यमंत्री आवास के ठीक पीछे कक्षा 12 की छात्रा का शव पाए जाने के मामले को मंच ने शर्मनाक बताते हुए इसे सपा सरकार में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा का ताजा उदाहरण बताया है।
रिहाई मंच द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में मंच के प्रवक्ता शाहनवाज आलम ने आरोप लगाया है कि पिछले एक हफ्ते से बहराईच में सिमी के फिर से सक्रिय होने की अफवाह को खुफिया विभाग मीडिया के एक हिस्से से लगातार प्रसारित करवा रहा है। जिसका मकसद 24 फरवरी को अमित शाह की यात्रा से पहले आतंकवाद के नाम पर मुसलमानों के खिलाफ माहौल बनाना है। उन्होंने कहा कि बहराईच के मुसलमान खुफिया विभाग द्वारा फैलवाए जा रहे इस अफवाह से बेहद खौफजदा हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने अमित शाह जैसे साम्प्रदायिक तत्व को बहराईच जाने से रोकने के बजाए स्थानीय पुलिस को भी मुस्लिमों को डराने के इस अभियान में लगा दिया है।
शाहनवाज आलम ने कहा है कि इसी तरह मोदी के लखनऊ आने पर भी लखनऊ से अलीम और कुशीनगर से रिजवान नाम के बेगुनाह नौजवानों को आईएस के नाम पर पकड़ा गया था। अब इसी तरह अमित शाह कि बहराईच यात्रा से ठीक पहले सिमी के नाम पर स्थानीय मुसलमानों को फंसाए जाने की तैयारी खुफिया एजेंसियां कर रही हैं, जिसे बेनकाब करने के लिए रिहाई मंच बहराईच समेत आतंक की सियासत के खिलाफ जगह-जगह दौरा कर अभियान चलाएगा।
प्रेस विज्ञप्ति में रिहाई मंच नेता राजीव यादव ने कहा है कि मुख्यमंत्री आवास के ठीक पीछे से कक्षा बारह की छात्रा का शव मिलना मुख्यमंत्री के लिए व्यक्तिगत शर्म की बात होनी चाहिए। घटना साबित करती है कि महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार बुरी तरह असफल साबित हुई है और 1090 जैसी योजनाएं सिर्फ मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी सांसद डिम्पल यादव की तस्वीरें होर्डिंगों में लगाने के लिए चलाई जा रही है।


