अमेरीकापरस्त, कॉरपोरेट परस्त नीतियों का विकल्प कोई तीसरा और चौथा मोर्चा नहीं हो सकता
अमेरीकापरस्त, कॉरपोरेट परस्त नीतियों का विकल्प कोई तीसरा और चौथा मोर्चा नहीं हो सकता
जरूरत है नीतियों को बदलने
की - अखिलेन्द्र
सपा प्रदेश में करा रही साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण-रशादी
वाम-जनवादी विकल्प की है जरूरत-कश्यप
मुलायम-माया की राजनीति से प्रदेश को बचाना होगा- डॉ. गिरीश
अखिलेन्द्र ने तोड़ा उपवास, करेंगे आन्दोलन तेज
लखनऊ 19 जून 2013, प्रदेश में जन अधिकार अभियान के तहत कानून के राज की स्थापना के लिये विधानसभा के सामने आइपीएफ के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने आज एक बजे राष्ट्रीय ओलेमा कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी मदनी, सीपीआईएम राज्य सचिव कॉ. एस0 पी0 कश्यप और सीपीआई राज्य सचिव कॉ. डॉ. गिरीश के हाथों से जूस पीकर अपने दस दिवसीय उपवास को समाप्त किया। इस अवसर पर सीपीआईएम, राष्ट्रीय ओलेमा कौंसिल, सीपीआई, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया), आइपीएफ, राष्ट्रवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय किसान यूनियन समेत सभी वाम-जनवादी दलों के नेताओं ने संकल्प लिया कि प्रदेश में कानून की राज की स्थापना के लिये जन अधिकार अभियान और आन्दोलन को तेज किया जायेगा और शीध्र ही बैठक कर आन्दोलन के आगामी कार्यक्रम की घोषणा की जायेगी। आज पूरे प्रदेश से अभियान में शामिल सभी दलों के हजारों लोग विधानसभा के सामने अखिलेन्द्र के उपवास पर पहुँचे।
उपवास स्थल पर आयोजित सभा को सम्बोधित करते हुये आइपीएफ के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि काँग्रेस-भाजपा जिन अमेरीकापरस्त, कॉरपोरेट परस्त नीतियों पर चल रही है उसका विकल्प कोई तीसरा और चौथा मोर्चा नहीं हो सकता क्योंकि इनको बनाने वाले दल भी इन्हीं नीतियों पर अमल कर रहे है। मात्र सरकारों के बदलने से जनता की ज़िन्दगी में बदलाव नहीं आ सकता आज जरूरत है नीतियों को बदलने की। जिन नीतियों से किसानों, मेहनतकशों और आम अवाम का भला हो सके। उन्होंने कहा कि यह काम मात्र वामपंथी, सोशलिस्ट और उलेमा कौसिंल जैसी जनपक्षधर आन्दोलन की ताकतें ही कर सकती हैं जो प्रदेश में एक मंच पर आयी हैं।
सीपीआईएम राज्य सचिव कॉ. एस0 पी0 कश्यप ने कहा कि आज देश को वाम जनवादी विकल्प की जरूरत है मात्र पार्टियों का मोर्चा नहीं हमें जनपक्षधर नीतियों पर जनता का मोर्चा बनाना होगा।
राष्ट्रीय ओलेमा कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी मदनी ने कहा कि सरकार प्रदेश में साम्प्रदायिक ताकतों को मजबूत करने के लिये हिन्दु-मुस्लिम में वैमनस्य फैलाने की राजनीति कर रही है। आतंकवाद के नाम पर जेल में बन्द निर्दोष मुस्लिम नौजवानों को रिहा करने की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली सपा की इस सरकार ने आज तक खालिद मुजाहिद की मौत और गिरफ्तारी पर दर्ज एफआईआर की विवेचना भी शुरू नहीं करायी और सीबीआई जाँच के लिये केन्द्र सरकार पर दबाब तक नहीं बनाया।
सीपीआई राज्य सचिव कॉ. डॉ. गिरीश ने कहा कि उ0 प्र0 को मुलायम-माया की राजनीति से मुक्त करा वाम-जनवादी दिशा देने की जरूरत है और जो प्रयास कॉ. अखिलेन्द्र द्वारा शुरू किया गया है उसमें हम पूरी ताकत से रहेंगे।
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के प्रदेश अध्यक्ष गिरीश पाण्डेय ने कहा कि सपा सरकार का डॉ. लोहिया की विचारधारा और समाजवाद से कोई वास्ता नहीं रह गया है। इस सरकार ने प्रदेश की जनता को अपने एक वर्ष से ज्यादा के कार्यकाल में मात्र धोखा देने का ही काम किया है।
राष्ट्रवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव व पूर्व मन्त्री कॉ. कौशल किशोर ने कहा कि प्रदेश में कानूनव्यवस्था ध्वस्त है और गुण्डा-माफिया-पुलिस राज है। प्रदेश में दलितों, अल्पसंख्यकों समेत समाज के गरीब तबकों पर लगातार हमले हो रहे है।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पाण्डेय ने सपा सरकार को उसका वायदा याद दिलाते हुये किसान आयोग बनाने के सवाल को उठाया।
सभा को पूर्व सांसद इलियास आजमी, राष्ट्रीय ओलेमा कौंसिल के महासचिव मौलाना ताहिर मदनी, मुस्लिम महिला पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अम्बर,, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के उपाध्यक्ष संदीप पाण्डेय, महामंत्री ओकांर सिंह, राष्ट्रीय बहुजन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष बनारसी दास, राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह, गांधी संस्थान की रजिस्ट्रार मुनीजा रफीक खान, मुस्लिम फोरम के अध्यक्ष एम के शेरवानी, पूर्व आईजी व आइपीएफ प्रवक्ता एस. आर. दारापुरी, लाल देवेन्द्र सिंह चौहान, समाजसेवी सुदंरलाल सुमन, पूर्व अध्यक्ष इ0वि0वि0 लाल बहादुर सिंह, गुलाब चंद गोड़ ने सम्बोधित किया। सभा की अध्यक्षता आइपीएफ के प्रदेश संयोजक मोहम्मद शोएब एडवोकेट ने की और संचालन राष्ट्रीय ओलेमा कौंसिल के प्रदेश अध्यक्ष परवेज आफताब ने किया।


