फिल्म गांधी बनाकर जीते आठ ऑस्कर
ब्रिटेन के शहर कैंब्रिज में 1923 में हुआ था जन्म
70 से अधिक फिल्मों में अभिनय करने के बाद शुरू किया निर्देशन
शेष नारायण सिंह
नई दिल्ली ! लॉर्ड रिचर्ड एटनबरो नहीं रहे। हर शॉट को परफेक्ट शूट करने वाला स्टार अपना आखिरी शॉट अपनी मर्जी का नहीं ले पाया। उनकी योजना थी कि वे अपने अंतिम क्षणों तक सिनेमा की शूटिंग करते रहें। लॉर्ड रिचर्ड एटनबरो ने एक बार कहा था कि उनकी इच्छा है कि वे दिन की शूटिंग खत्म करें और कहें कि पैकअप और वहीं अंतिम सांस ले लें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 2008 में उनको ब्रेन हैमरेज का अटैक हुआ था उसके बाद वे बहुत दिन तक कोमा में रहे और ठीक होने के बाद भी व्हील चेयर पर ही चलते थे। बोलने में भी दिक्क त होती थी। 90 साल की उम्र में विश्व सिनेमा के गांधी की मौत हो गई।
लॉर्ड रिचर्ड एटनबरो ने फिल्म गांधी बनाकर अपने आपको सिनेमा के उस मुकाम पर स्थापित कर दिया था जहां बहुत ही सन्नाटा रहता है। कला के क्षेत्र में वह बुलंदियाँ बहुत कम लोगों को मिली हैं। उस ऊँचाई पर बिरले ही पहुँच पाते हैं क्योंकि एक ही सिनेमा के बल पर आठ ऑस्कर जीतने वाले लोग कहाँ हैं! उनका जन्म ब्रिटेन के शहर कैम्ब्रिज में 1923 में हुआ था। गांधी, जुरासिक पार्क, ब्राइटन रॉक, ,द ग्रेट एस्केप और व्हाट ए लवली वार कुछ ऐसी फिल्में हैं जो सिनेमा के साथ-साथ कई पीढिय़ों के जीवन बेहतरीन यादों की भी सच्चाई बन चुकी हैं।
दिल्ली में जब फिल्म गांधी की शूटिंग हुई थी तो वह घटना दिल्ली में बहुत बड़े मोबिलाइजेशन के रूप में याद की जाती है। जमुनापार और मंगोलपुरी आदि के इलाकों में डुगडुगी बजी थी और ऐलान किया गया था कि महात्मा गांधी के अंतिम संस्कार की यात्रा की शूटिंग होनी थी और ज्यादा से ज्यादा लोग इंडिया गेट पहुँचे। हिदायत दी गई थी कि कोई भी रंगीन कपड़ा पहनकर नहीं आएगा। अस्सी के दशक में इंदिरा गांधी का दूसरा कार्यकाल था। एचकेएल भगत केंद्र में मंत्री थे और पूर्वी दिल्ली के एमपी हुआ करते थे। उन्होंने ही भीड़ को जुटाने में अपने लोगों को लगाया था। इंदिरा जी खुद फिल्म के निर्माण में रुचि ले रही थीं लिहाजा उनके सबसे करीबी सरकारी नौकर के. नटवर सिंह को सर रिचर्ड एटनबरो की सेवा का जिम्मा दिया गया था। 70 से अधिक फिल्मों में अभिनय करने के बाद उन्होंने निर्देशन का काम शुरू किया। फिल्म गांधी उनके जीवन के उसी दौर का नतीजा है।
आज सही मायनों में एक महान आदमी, बहुत बड़े आदमी और बहुत ही जिंदादिल आदमी की मौत का दिन है, अलविदा सिनेमा के गांधी...