अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के लक्ष्य गणना में सुधार व नया लक्ष्य निर्धारण के लिए मंत्री भारत सरकार को दिया ज्ञापन

अहमदाबाद। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्री मेट्रिक, पोस्ट मेट्रिक मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति योजना में राज्य वार व प्रत्येक धर्म की जनसँख्या के हिसाब से लक्ष्य आवंटन किया गया है। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के पत्र संख्या F.No.9/21 /2017-SS दिनांक 31-5-17 के द्वारा मंत्रालय की छात्रवृत्ति योजना की गणना 2001 की जनसँख्या के हिसाब से की गयी है, जबकि प्रत्येक कार्य में अंतिम जनगणना को आधार माना जाता है जो की 2011 है।

यह जानकारी देते हुए शाला मित्र संघ के संयोजक मुजाहिद नफ़ीस ने बताया कि इस सम्बन्ध में आज केन्द्रीय मंत्री अल्पसंख्यक कार्य भारत सरकार को ज्ञापन व राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को पिटीशन की गयी। ज्ञापन के माध्यम से लक्ष्य की गणना 2011 की जनसँख्या प्रमाण से करने व नया लक्ष्य को जारी करने के आदेश करने व उस आदेश को समुचित माध्यम से प्रचारित भी करने की माँग की गई, जिससे वंचित जिनकी अपेक्षा की गयी है, छात्र फॉर्म भर सकें।

मुजाहिद नफ़ीस ने बताया कि 2001 की जनसँख्या के हिसाब से भारत में धर्मिक अल्पसंख्यक 200303872 थे, वहीँ 2011 में ये संख्या बढ़कर 241730321 हो गयी है। जबकि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय छात्रवृत्ति लक्ष्य की गणना 2001 के हिसाब से कर रहा है। इस कारण लाखों अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चे छात्रवृत्ति के लाभ से वंचित रह जायेंगे।