सांप्रदायिकता, जातिगत हिंसा और भागीदारी के सवाल पर होगी सुल्तानपुर में 6 जून को होगी रिहाई मंच की कांफ्रेस
ईमानदार तहसीलदार गुलाब सिंह के तबादले पर लगे रोक, अवैध खनन में संलिप्त सपा राज्य सभा सांसद चन्द्रपाल यादव पर हो कार्रवाई - रिहाई मंच
लखनऊ 4 जून 2015। बेकाबू भ्रष्टाचार, सांप्रदायिक-जातिगत हिंसा, कृषि संकट, किसान आत्महत्या जैसे सवालों पर रिहाई मंच ‘लोकतंत्र और इंसाफ के
सवाल पर’ 6 जून शनिवार को सुबह 10 बजे से सलीम हायर सेकेन्डरी स्कूल, खैराबाद सुल्तानपुर में कांफ्रेंस का आयोजन करेगा। कांफ्रेंस में मुख्य वक्ता रिहाई मंच अध्यक्ष एडवोकेट मुहम्मद शुऐब, मसीहुद्दीन संजरी, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, राजीव यादव, शरद जायसवाल, अनिल यादव, रामकृष्ण, आदियोग आदि रहेंगे।
मंच ने झांसी के टहरौली इलाके के ईमानदार तहसीलदार गुलाब सिंह को अवैध खनन में लिप्त ट्रैक्टर को पकड़ने पर राज्य सभा सांसद चन्द्रपाल यादव द्वारा धमकी दिए जाने की घटना पर कहा कि जिस तरीके से इस प्रकरण में जहां सांसद के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए थी वहां गुलाब सिंह का तबादला किए जाने की घटना ने साफ कर दिया है कि सूबे में अवैध खनन के कारोबार में चन्द्रपाल यादव, गायत्री प्रजापति ही नहीं सपा सरकार भी संलिप्त है।
सुल्तानपुर में आयोजित कांफ्रेस के संन्दर्भ में रिहाई मंच नेता तैय्यब बारी खान और मोहम्मद आरिफ ने बताया कि जिस तरीके से पिछले दिनों फरीदाबाद के अटाली और फिरोजाबाद में सांप्रदायिक हिंसा तो वहीं शिवपुरी, नागौर, शिरडी, झांसी समेत विभिन्न जगहों पर मुस्लिम, दलित और आदिवासियों पर सांप्रदायिक-जातीय हमले हुए हैं उसने साफ कर दिया है कि भाजपा और अपने को सेक्युलर कहने वाली सपा में कोई फर्क नहीं रह गया है। हाशिमपुरा जनसंहार पर आए फैसले ने साबित कर दिया कि यूपी की सरकारों को मारे गए 42 बेगुनाहों के इंसाफ से ज्यादा पीएसी के गुनहगार जवानों को बचाने में दिलचस्पी रही है। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर केन्द्र में आई भाजपा सरकार ने पिछले एक साल में भ्रम का बाजार गर्म किया। जबकि हकीकत यह है कि देश में भूखों की संख्या सबसे ज्यादा है जो तकरीबन 19॰40 करोड़ है। ठीक मोदी के गुजरात माडल पर यूपी में भी भ्रम का बाजार बेचने के लिए फिल्म सिटी, स्मार्ट सिटी और हाईवे के नाम पर किसानों से 6 गुना मूल्य देने का वादा करके सत्ता में आई सपा सरकार ने पहले इसे 4 गुना तक सीमित कर अब 2 गुने से भी कम मुआवजा देकर विज्ञापनों के माध्यम से प्रचारित कर रही है कि प्रदेश का किसान खुशहाल है। जबकि सच्चाई यह है कि मार्च और अप्रैल महीने में 500 से अधिक किसानों की आत्महत्या व दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई है तो वहीं राज्य लोकसेवा आयोग, पुलिस भर्ती समेत विभिन्न नियुक्तियों में भ्रष्टाचार ने संघर्षशील युवाओं का मनोबल तोड़ दिया है।
रिहाई मंच प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अनिल यादव ने कहा कि एक तरफ पूरे प्रदेश में खनन के नाम पर लूट मची है तो वहीं दूसरी तरफ जब झांसी के टहरौली के तहसीलदार गुलाब सिंह जैसे ईमानदार अधिकारी को सपा के राज्य सभा सांसद चन्द्रपाल यादव ने अवैध खनन में लिप्त ट्रैक्टर को न छोड़ने पर धमकी दी जिसके बाद गुलाब सिंह का तबादला कर दिया गया। इसी तरह से जब बिजनौर जनपद के एसएसपी अखिलेश कुमार ने अवैध खनन रोकने के लिए आदेश दिया तो उनका भी तबादला कर दिया गया। इन घटनाओं से साफ होता है कि सोनभद्र, बुंदेलखंड समेत पूरे सूबे में चल रहे अवैध खनन में सिर्फ गायत्री प्रसाद और चन्द्रपाल यादव सरीखे सपा नेता ही नहीं बल्कि पूरी सपा सरकार भी अवैध खनन के कारोबार में संलिप्त है। उन्होंने कहा कि गुलाब सिंह का एक साल के अंदर 4 बार तबादला किया गया। कई बड़े घोटालों का पर्दाफाश कर चुके व मनरेगा में डेढ़ करोड़ का घोटाला और 1900 एकड़ गरीबों की पट्टे की जमीन हड़पने जैसे मामलों का खुलासा करने वाले गुलाब सिंह को प्रदेश की इंसाफ पसंद जनता का समर्थन है।
रिहाई मंच ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से तत्काल गुलाब सिंह के तबादले को रोकने व उनको अपमानित व अवैध खनन कारोबार में संलिप्त राज्यसभा सांसद चन्द्रपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।