आई.टी. सिटी से उप्र के नौजवानों को बड़ी संख्या में नौकरी मिलेगी : अखिलेश
आई.टी. सिटी से उप्र के नौजवानों को बड़ी संख्या में नौकरी मिलेगी : अखिलेश
आई.टी. सिटी परियोजना प्रदेश के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने तकनीक के क्षेत्र में हो रहे बदलाव को समय से अपनाए जाने पर बल दिया
लखनऊ में आई.टी. सिटी की स्थापना हेतु राज्य सरकार ने एच.सी.एल. को आशय पत्र सौपा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि सूचना प्रोद्योगिकी सेक्टर का दायरा अत्यंत व्यापक है और इसमें रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ में आई.टी. सिटी के माध्यम से प्रदेश के नौजवानों को बड़ी संख्या में नौकरी मिलने के साथ-साथ रोजगारपरक प्रशिक्षण की सुविधा प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री लखनऊ में बनने वाले आई.टी. सिटी के सम्बन्ध में सोमवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक कायक्रम में विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा एच.सी.एल. को आई.टी. सिटी की स्थापना हेतु आशय पत्र सौपा गया। प्रदेश सरकार की ओर से यू0पी0इलेक्ट्रॉनिक्स कार्पोरेशन के प्रबन्ध निदेशक जी0एस0नवीन कुमार ने एच.सी.एल. के डी0के0श्रीवास्तव को आशय पत्र प्रदान किया।
श्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार का यह प्रयास है कि जिस स्तर का विकास और औद्योगिकीकरण दिल्ली व उसके आसपास के क्षेत्रों में दिखाई पड़त़ा है, वैसा विकास प्रदेश के अन्य इलाकों में भी नजर आए। लखनऊ में आई.टी. सिटी की स्थापना की शुरुआत को प्रदेश सरकार द्वारा इस सम्बन्ध मेंकिए जा रहे प्रयासों की सफलता बताते हुए उन्होंने एच.सी.एल. एवं उसके संस्थापक अध्यक्ष शिव नाडर को इसके लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह प्रयास होगा कि आई.टी. सिटी जल्द से जल्द बने। उन्होंने आई.टी. सिटी परियोजना को प्रदेश के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उम्मीद जताई कि आई.टी. सिटी के माध्यम से बडे़ पैमाने पर निवेश होगा।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने कहा कि आई.टी. सिटी परियोजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसके तहत विश्व स्तरीय ट्रेनिंग सेण्टर का प्राविधान किया गया है, जबकि अन्य राज्यों में स्थापित आई.टी. सिटी व पार्क में ऐसी व्यवस्था नहीं है। उन्होंने बताया कि चक गंजरिया में 100 एकड़ के क्षेत्र में स्थापित होने वाले आई.टी. सिटी में 60 एकड़ का कोर एरिया और 40 एकड़ का नॉन कोर एरिया होगा। इसके तहत सूचना प्रौद्योगिकी तथा सूचना प्रोद्योगिकी आधारित सेवाओं से जुड़ी इकाइयों की स्थापना की जाएगी, अत्याधुनिक स्किल डेवलपमेंट सेण्टर बनाया जाएगा। साथ ही आवासीय एवं अन्य सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। परियोजना के शुरू होने पर 25 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार तथा 50 से 60 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। परियोजना की अनुमानित लागत 1500 करोड़ रुपए है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आई.टी. सिटी की स्थापना से प्रदेश व लखनऊ को एक नईपहचान मिलेगी।
इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री बलराम यादव, कारागार मंत्री राजेन्द्र चौधरी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक रंजन, प्रमुख सचिव प्रौद्योगिकी जीवेश नंदन, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री राकेश गर्ग, सूचना निदेशक प्रभात मित्तल सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


