आज़म मानें या न मानें शिवपाल और बेनी के साथ वह भी अखिलेश का शिकार हुए
आज़म मानें या न मानें शिवपाल और बेनी के साथ वह भी अखिलेश का शिकार हुए
मसीहुद्दीन संजरी
अमर सिंह ने आरोप लगाया है कि समाजवादी परिवार के झगड़े की पटकथा मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश की छवि सुधारने के लिए लिखी थी। यह बात कितनी सही है इसका तो पता नहीं लेकिन यह सच है कि अखिलेश यादव ने पार्टी पर अपना एकाधिकार कायम करने के लिए सभी बड़े नेताओं के पर कतरने का काम ज़रूर किया।
आज़म खान माने या न मानें शिवपाल यादव के साथ वह और बेनी प्रसाद वर्मा भी उसके शिकार हुए हैं। इस अभियान में भाजपा समर्थक मीडिया ने भी अखिलेश की विकास वाली छवि गढ़ने में उनका भरपूर सहयोग किया था।
अनुभवहीन अखिलेश यादव ने बदले में साम्प्रदायिक तत्वों को उत्तर प्रदेश में उत्पात मचाने की खुली छूट दे रखी थी।
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