मसीहुद्दीन संजरी

"आप गुरमेहर के साथ हैं या उसे रेप की धमकी देने वाले के साथ"।

यह बात भी कुछ लोगों को बुरी लग गई। उनका ज्ञान स्तर और मानसिकता देखें। उनमें से एक ने टिप्पणी किया कि आप सीमा पर शहीद होने वालों के साथ हैं या देश के टुकड़े करने वालों के।

इन महनुभाव को यही पता नहीं कि वह खुद एक शहीद की बेटी है।

एक ने तो उसके लिए ‘भड़वी’ शब्द का प्रयोग किया।

अंदाज़ा लगाइये किस गंदगी से यह आवाज़ें उठ रही हैं। एक तो भारत के अन्य रेप केसेज़ दिखाने लगे कि तब नहीं बोले थे इसलिए अब बोलने का हक नहीं है।

एक साहब का कहना है कि उसे गुमराह कर दिया गया है। तो क्या किसी सच्ची राह वाले की अपनी बहन–बेटी गुमराह हो जाए तो वह खुद या अपने किसी मित्र से उसे रेप की धमकी दिलवाएंगे?

देश के लिए शहादत देने वाले की विरासत और अंग्रेज़ों की मुखबिरी करने वालों की विरासत के टकराव में आप किसके साथ खड़े हैं?

बेटी का सिर बुलंद देखने के पक्षधर हैं या उसे वासना का शिकार बनाने की धमकी देने वालों के?

आप गुरमेहर कौर के साथ हैं या उसे बलात्कार की धमकी देने वाले चम्पाटुओं के?