आइपीएफ के प्रतिनिधिमण्डल ने खुटार शाहजहांपुर का दौरा किया, पत्रकार जगेन्द्र के परिजनों से बात की

सपा के राज में पत्रकारों, महिलाओं समेत आम लोगों पर हमले बढ़ रहे हैं
शाहजहांपुर/17जून/ उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार पत्रकार जगेन्द्र को जलाकर मार दिए जाने की घटना में आरोपी राज्य मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा को लगातार बचाने में लगी है। सरकार का यह दावा कि राममूर्ति सिंह वर्मा के मंत्रिमण्डल में बने रहने से जांच प्रभावित नहीं होगी, सरासर गलत है। जिन्दा जलाकर मार दिए जाने के इस मामले में एफआईआर में नाम होने के बाबजूद पुलिस अभी तक आरोपी मंत्री से पूछताछ की हिम्मत तक नहीं जुटा सकी है।
उक्त बयान आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ )के प्रवक्ता अजीत सिंह यादव ने शाहजहांपुर के खुटार का दौरा करने व पत्रकार जगेन्द्र के परिजनों से घटना की जानकारी लेने के बाद आज यहां जारी किया। उन्होंने कहा कि जगेन्द्र के परिजनों की आरोपी मंत्री राममूर्ति वर्मा की मंत्रिमण्डल से बर्खास्तगी, उनके समेत घटना में शामिल पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी व सीबीआई जांच की मांग जायज है। उनके मंत्रिमण्डल में बने रहते स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच सम्भव नहीं है।
आइपीएफ के नेता ने प्रदेश सरकार के मंत्री व सपा के प्रमुख प्रवक्ता शिवपाल यादव द्वारा जगेन्द्र की हत्या के मामले की तुलना बदायूं व राजा भैया के मामले से करने को गलत बताते हुए कहा कि जगेन्द्र ने मरने से पहले अपने साथ हुई घटना का बयान मजिस्ट्रेट के सामने दिया है, इससे बडा साक्ष्य और क्या हो सकता है।
उन्होंने कहा कि जगेन्द्र सिंह को जलाने की घटना 1 जून को हुई और लखनऊ में सिविल अस्पताल में उनका इलाज चला, जहां 08जून को उनकी मौत हो गई, लेकिन मजिस्ट्रेट के समक्ष 1जून को ही शाहजहांपुर अस्पताल में बयान दिए जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। जगेन्द्र के मरने के बाद जब उनके परिजनों ने 9 जून को दाह संस्कार से इनकार कर दिया, तब घटना के आठ दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई। इससे जाहिर होता है कि सरकार लगातार इस मामले को दबाने व आरोपी मंत्री को बचाने में लगी रही।
श्री यादव ने सरकार से जबाब मांगा है कि वह बताए कि राममूर्ति वर्मा को मंत्री बनाए रखने की उसकी क्या मजबूरी है जबकि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है व जगेन्द्र ने मरने से पहले मजिस्ट्रेट को उनकी संलिप्तता का बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जगेन्द्र को न्याय दिलाने के लिए उनके परिजनों के धरने व उनकी मांगों का आइपीएफ समर्थन करता है।
आइपीएफ नेता ने कहा कि सपा के राज में पत्रकारों, महिलाओं समेत आम लोगों पर हमले बढ़ रहे हैं।थानों में पीड़ितों की एफआईआर तक दर्ज नहीं हो रही हैं। अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है, जिससे प्रदेश में अपराधियों का मनोबल बढ़ गया है। पुलिस अपराधियों पर कार्यवाही की जगह उनका साथ दे रही है। जगेन्द्र की जलाकर हत्या इस बात को एक बार फिर प्रमाणित करती है कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज नहीं बल्कि गुण्डा राज चल रहा है।
उन्होंने कहा कि जगेन्द्र को न्याय दिलाने व प्रदेश में कानून के राज के लिए आम आदमी की हिफाजत के लिए आइपीएफ प्रदेश व्यापी संघर्ष करेगा।
इससे पहले आइपीएफ का प्रतिनिधिमण्डल कल 16 जून को शाहजहांपुर पहुँचा व जगेन्द्र के परिजनों से बातचीत करने खुटार गया। जगेन्द्र के बेटों राजन, राहुल पत्नी सुमन सिंह, पिता सुमेर सिंह व बेटी रचना समेत घर के आसपास के लोगों से बातचीत की, घटना की जानकारी ली। आइपीएफ नेता जगेन्द्र के परिजनों द्वारा खुटार में जारी धरने में भी शरीक हुए व उनकी मांगों का समर्थन किया।
आइपीएफ के प्रतिनिधिमण्डल में आइपीएफ के प्रवक्ता अजीत सिंह यादव व बदायूँ जिला सचिव अनिल यादव शामिल रहे।