आवाज दो हम एक हैं

बाबरी से

बामियान तक

बजरबट्टूओं से

तालिबान तक

आईएस राज्य से

बोको हराम तक

विचार / आत्मा

शरीर / संरचना

विध्वंस करते / ढहाते

ठिकाने लगाते

एक माँ जाये

भाई भाई

हम सब एक हैं
O- जसबीर चावला
जसबीर चावला