आशा वर्कर्स और आंगनवाड़ी के कर्मचारियों ने किया दिल्ली विधान सभा का घेराव
आशा वर्कर्स और आंगनवाड़ी के कर्मचारियों ने किया दिल्ली विधान सभा का घेराव
आशा वर्कर्स और आंगनवाड़ी के कर्मचारियों ने किया दिल्ली विधान सभा का घेराव
नई दिल्ली 16 जुलाई। दिल्ली की आशा वर्कर्स और आंगनवाड़ी के कर्मचारियों ने आज अपनी हड़ताल के 10वे दिन मुख्य मंत्री केजरीवाल के सिविल लाइन्स स्थित आवास से विधान सभा तक चेतावनी रैली निकाल कर विधान सभा का घेराव किया। इस चेतावनी रैली में करीब 500 कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इस चेतावनी रैली के ज़रिये आशा वर्कर्स और आंगनबाड़ी के कर्मचारियों ने केजरीवाल सरकार के समक्ष यह साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। बिगुल मज़दूर दस्ता आशा वर्कर्स और आंगनवाड़ी के कर्मचारियों के इस संघर्ष में लगातार उनका समर्थन कर रहा है।
ज्ञात हो कि 14 जुलाई को केजरीवाल सरकार का एक प्रतिनिधि मंडल हड़तालकर्मियों से मिला था पर सरकार के इन नुमाइंदों ने दिलासा देने के इलावा कोई ठोस आश्वासन देना ज़रूरी नहीं समझा जिसके बाद कर्मचारियों ने एकमत से यह तय किया कि वह एक चेतावनी रैली निकाल कर केजरीवाल सरकार को यह चेता देंगे कि उन्हें कोरे दिलासे नहीं बल्कि ठोस कार्यवाही और अपनी मांगों की स्वीकृति चाहिए।
आशा वर्कर्स और आंगनवाड़ी के कर्मचारियों ने आज यह घोषणा कि की अगर सरकार जल्द से जल्द उनकी मांगों की सुनवाई नहीं करती है तो अगली बार वह दिल्ली सचिवालय का घेराव करेंगे। बिगुल मज़दूर दस्ता की तरफ से बात रखते हुए नितिन ने कहा “आशा वर्कर्स और आंगनवाड़ी के कर्मचारियों ने अब तक जिस बहादुरी के साथ अपना संघर्ष लड़ा है उसी तरह जब तक हमारी मांगे स्वीकार नहीं कर ली जाती हमारा संघर्ष जारी रहेगा”।
हड़तालकर्मियों की मांग है कि उन्हें स्थायी किया जाए, उनकी आय की श्रेणी सुनिश्चित की जाए और प्रोहत्साहन राशि की बजाये आय दी जाए, और इस आय का भुगतान हर महीने सुनिश्चित समय तक किया जाए साथ ही सभी कर्मचारियों को पेहचान पत्र दिया जाए । अपनी इन्ही सभी मांगों को लेकर दिल्ली की आशा वर्कर्स और आंगनवाड़ी के कर्मचारी 7 जुलाई से हड़ताल पर बैठे है और अभी तक सरकार की तरफ से उनकी मांगों की सुनवाई नहीं हुई है।
यह जानकारी दिल्ली मजदूर यूनियन की एक विज्ञप्ति में दी गई है।


