इशरत की पूर्वनियोजित हत्या की गई- सतीश वर्मा (देखें वीडियो)
इशरत की पूर्वनियोजित हत्या की गई- सतीश वर्मा (देखें वीडियो)
सतीश वर्मा ने तोड़ी चुप्पी-इशरत जहां आईबी का एक सफल ऑपरेशन था, लेकिन एनकाउंटर फर्जी था
इशरत को आतंकी कहने पर उठाए सवाल
एक गरीब और मासूम लड़की का नाम खराब किया जा रहा है जिससे अपराध में शामिल लोगों के माकूल माहौल बनाया जा सके।
इशरत जहां मामले की जांच के लिए बनी एसआईटी के पूर्व प्रमुख सतीश वर्मा ने भी गृह मंत्रालय के अवर सचिव आरवीएस मणि के आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
सतीश वर्मा ने कहा है कि, राष्ट्रवाद और सुरक्षा के नाम पर एक गरीब और मासूम लड़की का नाम खराब किया जा रहा है जिससे अपराध में शामिल लोगों के माकूल माहौल बनाया जा सके।
आईबी को फंसाने के लिए मणि को टॉर्चर करने के उनके आरोप पर सतीश वर्मा ने कहा कि मणि झूठ बोल रहे हैं।
सतीश वर्मा इशरत जहां मामले में गुजरात हाईकोर्ट की ओर से बनार्इ गई एसआईटी के सदस्य थे। वर्तमान में वर्मा शिलाँग में नेपको में मुख्य सतर्कता अधिकारी के रूप में तैनात हैं।
सतीश वर्मा ने इशरत के लश्कर ए तैयबा आतंकी और आत्मघाती हमलावर होने का भी खंडन किया।
वर्मा ने कहा कि जावेद शेख के संपर्क में आने के बाद वह अपने घर और परिवार से केवल 10 दिन दूर रही। एक आत्मघाती हमलावर और लश्कर का आतंकी बनाने के लिए लंबा समय लगता है। 303 राइफल को भी सही तरीके से चलाने के लिए 15 दिन का समय लगता है। जितने समय तक वह बाहर रही उसमें उसे फिदायीन नहीं बनाया जा सकता।
सतीश वर्मा के मुताबिक, मणि ने यह भी माना था कि इस मामले में पहले हलफनामे का ड्राफ्ट आईबी ने ही तैयार किया था। सतीश वर्मा ने कहा कि इशरत जहां आईबी का एक सफल ऑपरेशन था, लेकिन एनकाउंटर फर्जी था। वर्मा ने यह भी दावा किया कि डेविड हेडली और लश्कर के इशरत को शहीद बताने के दावे के बावजूद एसआईटी की जांच में उसके आतंकियों से जुड़े होने के कोई सबूत नहीं मिले।
सतीश वर्मा ने बताया,
आईबी इस पूरे मामले में अंदर तक शामिल थी और आईबी के अधिकारियों ने इन लोगों को गैर-कानूनी तरीके से अपनी कस्टडी में रखा था और उसके बाद पूर्व नियोजित तरीके से इनका मर्डर किया गया और इस एनकाउंटर को सही दिखाने के लिए मणि साहब ने वो डिटेल्स लिखी थी।
उन्होंने आगे बताया कि ये जो इन्होंने टॉर्चर की बात की है कि सिगरेट से दागा तो बताना चाहता हूं कि सीबीआई की जांच में कभी भी किसी आदमी के साथ ऐसी हरकत नहीं की जाती और मान लीजिए कि अगर मैंने किया तो यह कानून अपराध होगा। भारत सरकार के अफसर हैं, उनको पता होगा कि वह मुझ पर कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।
People are coming in support, former home Secretary as well.But only saying does not prove anything-Former SIT Chief pic.twitter.com/sDuKXfup5z
— ANI (@ANI_news) March 3, 2016
He(RVS Mani)had written more than desired in first affidavit & if it was changed in the 2nd affidavit, it was rightly changed-Satish Verma
— ANI (@ANI_news) March 3, 2016
Things in the first affidavit were written as if he(RVS) was the investigating officer-Former SIT Chief Satish Verma pic.twitter.com/ebnQTGnMKO
— ANI (@ANI_news) March 3, 2016


