प्रधानमन्त्री ने विज्ञान, मानविकी और सामाजिक विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा कला और संस्‍कृति में उच्‍च गुणवत्‍तापूर्ण शोध को बढ़ावा देने के लिये पंडित जवाहर लाल नेहरू पुरस्‍कार के गठन की घो‍षणा की

नई दिल्ली। प्रधानमन्त्री डॉ. मनमोहन सिंह ने विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से देश में उच्‍चतर शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये राष्‍ट्रीय थिंक टैंक की भूमिका निभाने को कहा है।

शनिवार को नई दिल्‍ली में आयोग के हीरक जयंती समारोह को सम्बोधित करते हुये डॉ. मनमोहन सिंह ने देश में उच्‍च शिक्षा के क्षेत्र में आयोग की प्रमुख नियामक की भू‍मिका की प्रशंसा की। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने पिछले 10 वर्षों में शिक्षा में सभी स्‍तर पर अभूत‍पूर्व जोर दिया है। उन्‍होंने इस दौरान उच्‍च शिक्षा के विस्‍तार के बारे में बताते हुये कहा कि सकल दाखिला अनुपात वर्ष 2005-2006 के 11 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2010-2011 में 19.4 प्रतिशत तक पहुँच गया। 23 केन्द्रीय विश्‍वविद्यालय, सात भारतीय प्रबंधन संस्‍थान (आईआईएम), नौ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान (आईआईटी), दस राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान (एनआईटी) और चार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान भारत सरकार द्वारा स्‍थापित किये गये हैं।

देश में उच्‍चतर शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये हाल ही में आरम्भ किये गये राष्‍ट्रीय उच्‍चतर शिक्षा अभियान की भूमिका को रेखांकित करते हुये डॉ. सिंह ने कहा कि इस योजना का लक्ष्‍य 2017 में समाप्‍त हो रही मौजूदा पंचवर्षीय योजना काल के अन्त तक 278 नये विश्‍वविद्यालय और 388 नये कॉलेजों की स्‍थापना और 266 कॉलेजों को मॉडल डिग्री कॉलेजों में परिवर्तित करना है। इसके साथ ही राज्‍यों के 286 विश्‍वविद्यालयों और 8500 कॉलेजों को बुनियादी सुविधाओं के लिये भी अनुदान दिया जाएगा।

प्रधानमन्त्री ने उच्‍च शिक्षा के क्षेत्र में चुनौतियों का उल्‍लेख करते हुये कहा कि वे 1991 में स्‍वयं भी विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्‍यक्ष रह चुके हैं। उन्‍होंने कहा कि हमारी शिक्षा की गुणवत्‍ता एक बड़ी चिन्ता का विषय है, क्‍योंकि उनकी गिनती विश्‍व के सर्वश्रेष्‍ठ संस्‍थानों में नहीं है। उन्‍होंने कहा कि संस्‍थानों में अच्‍छे प्राध्‍यापकों और शोध कार्यों को बढ़ावा देने, विश्‍वविद्यालय और उद्योगों के बीच समन्‍वय तथा संसाधनों के और अधिक आवंटन की आवश्‍यकताओं पर ध्‍यान देने की जरूरत है। प्रधानमन्त्री ने विज्ञान, मानविकी और सामाजिक विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा ललित कलाओं और संस्‍कृति के क्षेत्रों में व्‍यक्तिगत उत्‍कृष्‍टता को सम्‍मान देने के लिये पंडित जवाहर लाल नेहरू के नाम पर पुरस्‍कार स्‍थापित किये जाने की भी घोषणा की।

इस अवसर पर मानव संसाधान विकास मन्त्री डॉ. एम एम पल्‍लम राजू ने कहा कि विश्‍वविद्यालय अनुदान आयेग- यूजीसी सी वी रमन, रबीन्‍द्रनाथ टैगोर, मदर टेरेसा सहित भारती नोबेल पुरस्‍कार विजेताओं के नाम पर चेयर स्‍थापित करेगा। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में समाज के कमजोर तबकों और अल्‍पसंख्‍यकों की पहुंच बढ़ाने पर ध्‍यान केंन्द्रित करते हुये छात्रवृत्तियाँ और समान अवसर प्रदान किया है। उन्‍होंने कहा कि सरकार शोध को बढ़ावा देने के प्रति गम्भीर है और इसके लिये और ज्‍यादा धन आवंटित किये गये हैं। डॉ. राजू ने बताया कि सरकार विश्‍वविद्यालयों को और अधिक स्‍वायत्‍तता देना चाहती है।

यूजीसी के अध्‍यक्ष डॉ. वेद प्रकाश ने कहा कि आयोग को दूरवर्ती शिक्षा की अतिरिक्‍त जिम्‍मेदारी सौंपी गयी है। उन्‍होंने कहा कि अच्‍छे शिक्षकों की कमी से उत्‍पन्‍न अवरोध को दूर करने के लिये भी कई कदम उठाए गये हैं, जिनमें इसके लिये शोधवेत्‍ताओं को शामिल करना और अनुबंध के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति शामिल है।