उप्र पॉवर कॉरपोरेशन में एचसीएल (HCL)कर्मी कर रहे बड़ा घोटाला !
उप्र पॉवर कॉरपोरेशन में एचसीएल (HCL)कर्मी कर रहे बड़ा घोटाला !
एचसीएल (HCL) के आउट डेटेड सॉफ्टवेयर एवं कार्य प्रणाली की वजह से कॉरपोरेशन को हो रही राजस्व क्षति की भरपाई एचसीएल (HCL) से करने की मांग
एचसीएल (HCL) कर्मी पासवर्ड हैक कर, कर रहे हैं बड़ा घोटाला
सहायक अभियन्ताओं को 05 प्रारम्भिक वेतन वृद्धियां प्रदान किये जाने एवं कॉमन कैडर बनाये रखने का शासनादेश जारी किये जाने की ऊर्जा राज्य मंत्री से अपील-फैजाबाद में संघ की बैठक में उठी मांग-
लखनऊ। सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की आँखों का तारा कंपनी एचसीएल (HCL) पर बिजली इंजीनियरों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कॉरपोरेशन को हो रही राजस्व क्षति की भरपाई एचसीएल (HCL) से करने की मांग की है।
पावर कारपोरेशन द्वारा लगभग चार वर्ष पूर्व राजस्व लेखे, उपभोक्ताओं के बिलों आदि से संबंधित लेखों के रख-रखाव के सम्पूर्ण कार्य को कम्प्यूटरीकृत किये जाने हेतु एचसीएल (HCL) को दिये गये वितरण क्षेत्रों के राजस्व/बिलिंग कार्य के ठेके में एचसीएल (HCL) द्वारा आउट डेटेड एवं डिफेक्टिव सॉफ्टवेयर के साथ पुराने कम्प्यूटर उपकरणों के इस्तेमाल से पावर कॉरपोरेशन को हो रही भारी राजस्व क्षति की भरपाई एचसीएल (HCL) से करने की मांग करते हुए विद्युत अभियन्ता संघ (U.P. Rajya Vidyut parishad Abhiyanta Sangh ) के महासचिव डी.सी. दीक्षित ने कारपोरेशन के अध्यक्ष को पूर्व में लिखे पत्र में उठाये गये बिन्दुओं के परिपेक्ष्य में एचसीएल (HCL) एवं दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
डी.सी. दीक्षित ने उक्त मांगों के विषय में आज फैजाबाद में हुई अभियन्ता संघ की बैठक में जानकारी दी। महासचिव डी.सी. दीक्षित ने ऊर्जा राज्य मंत्री से सहायक अभियन्ताओं को 05 प्रारम्भिक वेतन वृद्धियां प्रदान करने तथा अभियन्ताओं का कॉमन कैडर बनाये रखने सम्बन्धी शासनादेश शीघ्र जारी कराये जाने हेतु हस्तक्षेप करने की अपील की है।
श्री दीक्षित ने बताया कि 29 नवम्बर को लखनऊ में संघ के हुए वार्षिक महाधिवेशन में ऊर्जा राज्य मंत्री ने अभियन्ताओं की उपरोक्त दोनों मांगों को शीघ्र पूरा कराने का आश्वासन दिया था, परन्तु लगभग 03 माह का समय व्यतीत होने के बावजूद पॉवर कॉरपोरेशन द्वारा इसके आदेश अभी तक जारी नहीं किये गये हैं।
उन्होंने विस्तार से बताया कि पॉवर कॉरपोरेशन ने विद्युत वितरण के शहरी क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए राजस्व वसूली बढ़ाने हेतु एचसीएल (HCL) को 04 वर्ष पूर्व लगभग रू0 800 करोड़ का ठेका दे रखा है परन्तु एचसीएल (HCL) द्वारा आउट डेटेड एवं खराब सॉफ्टवेयर के प्रयोग करने के कारण बिलिंग व्यवस्था चरमरा गयी है एवं स्लो कनेक्टीविटी की वजह से उपभोक्ताओं के बिल कई-कई दिनों तक नहीं जमा हो पा रहे हैं एवं विभाग की छवि धूमिल हो रही है। कॉरपोरेशन द्वारा एचसीएल (HCL) पर कोई कार्यवाही न किये जाने से अभियंता आक्रोशित है एवं यह मामला हाल ही में सम्पन्न हुए महाधिवेशन में प्रमुखता से उठा था तथा पॉवर कॉरपोरेशन ने दिनांक 04.12.2014 को एचसीएल (HCL) की बैठक बुलाई थी परन्तु एचसीएल (HCL) पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गयी है।
विद्युत अभियन्ता संघ के महासचिव इं0 डी.सी. दीक्षित ने बताया कि मेसर्स एचसीएल (HCL) द्वारा बरती जा रही लापरवाहियों, नाकामियों एवं थके हुये आउट डेटेड सॉफ्टवेयर के कारण प्रभावित हो रही राजस्व वसूली पर मेसर्स एच0 सी0 एल0 पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है वरन् समीक्षा बैठकों में विभागीय अभियंताओं को कम राजस्व वसूली के आरोप में निलम्बित कर दिया जाता है। विभागीय अधिकारियों के पासवर्ड सुरक्षित नहीं है एवं इनका उपयोग एचसीएल (HCL) के द्वारा किया जा रहा है। अधिकारियों के पासवर्ड हैक कर घोटाला किये जाने का एक मामला गोरखपुर में प्रकाश में आया है और यदि समय रहते एचसीएल (HCL) पर कड़ी कार्यवाही नहीं की गयी तो भविष्य में किसी बड़े घोटाले के सामने आने से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि एचसीएल (HCL) की निष्पक्ष जांच कराई जाये तो ‘‘यादव सिंह’’ जैसे कई प्रकरण सामने आ सकते हैं।
अध्यक्ष, पावर कारपोरेशन को पूर्व में लिखे पत्र में कई महत्वपूर्ण बिन्दु उठाये हैं एवं एचसीएल (HCL) की गैर जिम्मेदाराना कार्य प्रणाली की ओर प्रबन्धन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए पूरे मामले पर श्वेत पत्र जारी करने एवं निष्पक्ष जांच कराये जाने की मांग करते हुए उन्होंने लिखा है कि एचसीएल (HCL) द्वारा आउटडेटेड एवं तकनीकी रूप से अक्षम साॅफ्टवेयर का प्रयोग किया गया है जिसके नेविगेशन में काफी समय लगता है, तकनीकी समस्या आने पर क्षेत्रीय अभियन्ताओं द्वारा एचसीएल (HCL) को सूचित करने के बावजूद कई दिनों तक एचसीएल (HCL) द्वारा कोई तवज्जो नहीं दी जाती है, क्षेत्रीय अभियन्ता अधिकारियों को इसको आॅपरेट करने का कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया है, एक उपभोक्ता का बिल जेनेरेट करने में 15-20 मिनट लग रहे हैं, कई बड़े उपभोक्ताओं के डाटा ही सॉफ्टवेयर में फीड नहीं किये गये हैं, कई उपभोक्ताओं के डाटा अन्य जगहों पर दर्शायें गये हैं, एस0बी0एम0 (स्पॉट बिलिंग मशीन) पर डाटा एक्सपोर्ट नहीं हो रहे है, एचसीएल (HCL) द्वारा उपलब्ध कराये गये कम्प्यूटर, प्रिन्टर आदि 01 वर्ष में ही खराब हो चुके हैं, इन्हीं सब कारणों से विभाग को भारी राजस्व क्षति हो रही है।
पदाधिकारियों ने आगे बताया कि जहां एक ओर एचसीएल (HCL) को शक्ति भवन में दो तलों पर पूरा आॅफिस स्पेस दिया गया है वहीं दूसरी ओर शक्ति भवन में जगह की कमी के कारण उत्पादन निगम को गोमती नगर में किराये पर आॅफिस स्पेस लेना पड़ा है। इससे विभाग को दोहरी आर्थिक क्षति हो रही है एवं निजी क्षेत्र की कम्पनी सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रही है एवं ऊर्जा निगमों के कार्मिक दर-दर भटक रहें है।
आज फैजाबाद में हुई बैठक में इं0 सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव, इं0 आर0के0 श्रीवास्तव, इं0 मनोज सोनकर, इं0 विजय कुमार गुप्ता, इं0 एस0पी0 यादव, इं0 धीरज जायसवाल, इं0 राधेश्याम, इं0 अशोक कुमार समेत तमाम अभियन्ता शामिल हुए।


