उर्दू अनुवादक सह लिपिक बन गया जिला सूचना अधिकारी!
उर्दू अनुवादक सह लिपिक बन गया जिला सूचना अधिकारी!
शिवदास
सोनभद्र। चूँकि उत्तर प्रदेश के काबिल (?) मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लगता है कि ‘नकल करके आईएएस नहीं बन सकते हैं, लेकिन पत्रकार जरूर बन सकते हैं’ इसलिए उनके सद्वचनों से प्रेरणा लेकर सरकारी मान्यता प्राप्त पत्रकार का दर्जा दिलाने वाला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, सोनभद्र खुद के विभाग में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की गलत सूचना प्रसारित करने लगा है।
सोनभद्र की सरकारी वेबसाईट http://sonbhadra.nic.in/ पर मीडिया कॉलम में उर्दू अनुवादक-सह-लिपिक नेसार अहमद को बतौर जिला सूचना अधिकारी प्रकाशित किया गया है। हालांकि सरकारी दस्तावेजों में अपर जिला अधिकारी, सोनभद्र मनी लाल यादव प्रभारी जिला सूचना अधिकारी हैं।
वैसे यह सूचना कैसे प्रकाशित हुई है, यह तो सरकारी अमला ही जाने लेकिन जिला सूचना एवं जन संपर्क विभाग, सोनभद्र में जिला सूचना अधिकारी की नियुक्ति नहीं होने से उर्दू अनुवादक सह लिपिक नेसार अहमद मीडियाकर्मियों के साथ खुद को जिला सूचना अधिकारी समझकर ही बर्ताव करते नजर आते हैं। इतना ही नहीं समाचार-पत्रों में प्रकाशित खबरों के मुताबिक नेसार अहमद कार्यवाहक जिला सूचना अधिकारी नियुक्त हो गए हैं। हालांकि यह नियुक्ति किन शासनादेशों के तहत और किसने की, यह जानकारी अभी तक मुहैया नहीं कराई गई लेकिन जिस तरह से जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, सोनभद्र में कार्रवाइयों का दौर चल रहा है, उससे यही लगता है कि नौकरशाही लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया को एक साजिश के तहत नीचा दिखाने के लिए कार्य कर रही है जिसमें इस क्षेत्र के कुछ पत्रकार साथी भी शामिल हैं।


