एम डी एम घोटाले की सीबीआई जाँच रिपोर्ट : दो डीएम और दो सीडीओ के नाम भी शामिल!!!
एम डी एम घोटाले की सीबीआई जाँच रिपोर्ट : दो डीएम और दो सीडीओ के नाम भी शामिल!!!
रिपोर्ट में दो डीएम और दो सीडीओ के नाम भी शामिल
तीन बीएसए और डीएसओ भी आये घेर में
7 करोड 63 लाख 48 हजार 521 रूपये 90 पैसे का घोटाला उजागर
अंशुल तिवारी
मैनपुरी, उत्तर प्रदेश। सीबीआई ने तकरीबन दो माह तक मध्यान्ह भोजन घोटाले की गहराई से छानबीन करने के बाद माननीय उच्च न्यायालय में जाँच रिपोर्ट दाखिल कर दी है।
बताया जाता है कि इस जाँच रिपोर्ट में पूर्व में जिले में तैनात रहे दो जिलाधिकारियों व दो मुख्य विकास अधिकारियों, तीन जिला बेसिक शिक्षाधिकारियों और जिला पूर्ति अधिकारी सहित 11 लोगों को इस घोटाले में प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से दोषी माना गया है।बताते चलें कि मैनपुरी जिले में मध्यान्ह भोजन योजना में 7 करोड 63 लाख 48 हजार 521 रूपये 90 पैसे का घोटाला पाये जाने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी केडीएन राम, निवर्तमान बीएसए रघुवीर सिंह, गाजियाबाद की सर्च नामक स्वयंसेवी संस्था के सचिव विवेक सुदर्शन, लिपिक विशुनदयाल राजपूत, जिला समन्वयक एमडीएम प्रशांत मिश्रा के खिलाफ धारा 420, 120 बी आईपीसी तथा 3/7 ईसी एक्ट के तहत कोतवाली में पूर्ति निरीक्षक संजय मिश्रा की ओर से बीती 24 अप्रैल 2011 को एफआईआर दर्ज करायी गयी थी। वर्तमान जिलाधिकारी रणबीर प्रसाद ने घोटाले का राजफाश होने के बाद इस मामले को बेहद गम्भीरता से लिया और सर्च संस्था के खिलाफ रिकवरी के आदेश जारी कर दिये थे। रिकवरी आदेश के खिलाफ राहत पाने के लिए स्वयंसेवी संस्था के सचिव विवेक सुदर्शन जब माननीय उच्च न्यायालय में राहत पाने की नीयत से पहुंचे तो न्यायालय ने बच्चों के मुंह से निबाला छीनने वाले इस मामले पर कडा रूख अपनाया और सीबीआई से जाँच कराये जाने के आदेश जारी कर दिये। न्यायालय के आदेश पर तत्काल सक्रिय हुयी सीबीआई की टीम ने मैनपुरी में आकर डेरा डाला और करीब दो माह तक लंबी पूछताछ की। पूछताछ के दायरे में डीआई रमेश चन्द्र वर्मा, एबीएसए गिरजेश कटियार, सुषमा सेंगर, नीरजा चतुर्वेदी, अवनीश यादव, सचान, भारती शाक्या आदि सहित बीएसए कार्यालय का स्टाफ और प्रधानाध्यापकों को भी शामिल किया गया। छानबीन के दौरान गहराई से अभिलेख खंगाले गये और देखा गया कि आखिरकार शासनादेश के विपरीत एनजीओ को मध्यान्ह भोजन की जिम्मेदारी किन परिस्थितियों में सौंपी गयी।
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार सीबीआई ने अपनी जाँच में तत्कालीन जिलाधिकारी दिनेश चन्द्र शुक्ला और सच्चिदानंद दुबे, मुख्य विकास अधिकारी हृदयशंकर चतुर्वेदी और जेबी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी पार्थ अच्युत एवं निवर्तमान बीएसए शौकीन सिंह यादव के नाम भी शामिल किए गए हैं। गौरतलब है कि इससे पूर्व दो जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों केडीएन राम और रघुवीर सिंह के अलावा लिपिक विशुनदयाल राजपूत, एमडीएम प्रभारी प्रशांत मिश्रा तथा सर्च के सचिव विवेक सुदर्शन के खिलाफ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज करायी जा चुकी है। सीबीआई द्वारा न्यायालय में जाँच रिपोर्ट सौंपे जाने की खबर से शिक्षा विभाग में खलबली मची हुयी है।


