ऊंटी से शिप्रा शुक्ला
ऊंटी। 'आपका वोट ही मेरे लिये क्लीन चिट है।' यह अपील पूर्व संचार मंत्री आंदिमुथू राजा की अपने क्षेत्र के लोगों से थी। राजा ने बड़े धूमधाम से अपने चुनाव क्षेत्र नीलगिरि में चुनाव अभियान की शुरुआत कर दी है। समर्थकों ने पटाखे फोड़े और आतिशबाजी की। नीलगिरी दक्षिण भारत का एक रमणीय हिल स्टेशन है जो अंग्रेजों के ज़माने से आभिजात्य वर्ग के लिये गर्मियों का घर बन जाता है। ज्यादातर फिल्मों की यहाँ शूटिंग चलती रहती है और दक्षिण कि फ़िल्मी हस्तियों से लेकर कई राजनेताओं का यहाँ नामी बेनामी काटेज भी है।
एक दशक पहले देश की राजनीति में शायद ही कोई राजा के नाम से परिचित था, और तो और उनके अपने चुनावक्षेत्र नीलगिरी में भी लोग राजा की शख्शियत से अनभिज्ञ थे। गौरतलब है कि वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में नीलगिरी में बाहर से आकर पहली ही बार भारी मतों में जीतकर राजा ने न सिर्फ अपना दबदबा दिखाया बल्कि करूणानिधि के भी करीब आ गये। पर चर्चा में ए राजा, टू जी घोटाले बाद ही आए। वे उत्तर से दक्षिण तक चर्चित हो गये। लगभग दो लाख करोड़ के घोटाले में में फँसे अब ए राजा अपने निर्वाचन क्षेत्र में कह रहे हैं कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं।
सही बात तो यह है कि वे कारपोरेट घरानों और मीडिया की लड़ाई में मोहरा बन गये गये थे। राजा की इस सफाई पर लोगों ने कितना यकीन किया यह तो नतीजे ही बताएंगे।पर राजा फिलहाल इस खूबसूरत और ठंडे अंचल में पसीना तो बहा ही रहे हैं।
नीलगिरि के तक़रीबन दस लाख मतदाता छह चुनाव क्षेत्रों मेट्टूपलायम, गुडालूर, भवानी सागर, कुन्नूर, ऊटी और अविनाशी में फैले हुए हैं। राजा के समर्थकों ने खूब आतिशबाजी कर के उनके चुनाव अभियान की शुरुआत की। राजा ने भी बड़े आत्मविश्वास से कहा कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं। पर उनका यह आत्मविश्वास कितनी देर चलेगा? क्योंकि नीलगिरि का मौसम बदला दिख रहा है।
दरअसल राजा को लगता है कि ऊटी कुन्नूर पहाड़ों के लोग याद रखेंगे कि कैसे संचार मंत्री होकर भी उन्होंने वक़्त वक़्त पर अपने चुनाव क्षेत्र आकर जनता के सुख-दुःख में साथ दिया था। पर जो माहौल पूरे देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ बना है उससे नीलगिरि अछूता रहे यह संभव नहीं दिखता। कुन्नूर के एम्बी रामन का मानना है कि नीलगिरि के लोग इस बार मोदी के विकास के दावों को परखना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि भाजपा का दूसरे स्थानीय दलों से तालमेल उसे बेहतर परिणाम दिला सकता है। जाहिर है भाजपा का तीसरा मोर्चा भी राजा को परेशानी में डाल सकता है। शायद लोगों को पता न हो कि कोटानाडु में मुख्यमंत्री जयललिता का घर है और वे नियमित तौर पर वहाँ आती हैं और अपने क्षेत्र में सक्रिय भी रहती हैं। कोटागिरी की रंजना ने कहा- मुख्यमंत्री जयललिता ने लोगों को बहुत सुविधाए दिलाई हैं, इसलिये लोग उनसे खुश हैं। ऐसे में इस अंचल में समीकरण बदल जाएं तो हैरानी नहीं होनी चाहिए।
राजा का चुनाव अभियान अभी शुरूआती चरण में है, पर ये साफ़ दिख रहा है कि राजा के लिये यह चुनाव अब आसान नहीं है। स्थानीय लोगों का मानना है कि टक्कर काँटे की होगी।
जनादेश न्यूज़ नेटवर्क