"कंडोम कर्फ्यू" लगाने वाले बाबा के उत्पादों का प्रचार नहीं देखते ?
"कंडोम कर्फ्यू" लगाने वाले बाबा के उत्पादों का प्रचार नहीं देखते ?
"कंडोम कर्फ्यू" लगानेवाले बाबा के उत्पादों का प्रचार नहीं देखते ?
राजस्थान हाई कोर्ट ने पूछा कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच ही कंडोम विज्ञापन क्यों दिखाए जाने चाहिए? केंद्र सरकार के अंडर सेक्रेट्री एम राजेंद्रन ने कहा कि इन विज्ञापनों के बारे में यह शिकायत मिली थी कि इसमें दिखाए जाने वाले विजुअल से बच्चों पर गलत असर पड़ सकता है. इसके बाद मंत्रालय ने टीवी पर दिन में 6 बजे से रात 10 बजे तक कंडोम के विज्ञापनों के प्रसारण पर रोक लगा दी थी.
सवाल यह है कि क्या बच्चे यू ट्यूब, इंटरनेट, सर्च इंजन पर विज्ञापन नहीं देखते? सुना कि सबसे ज़्यादा पतंजलि के शुद्ध शिलाजीत, शतावर, अश्वगंधा, मूसली पाउडर जैसे प्रोडक्ट बिकते हैं. बिना विज्ञापन ऐसे उत्पाद तो बिक नहीं सकते. सरकार ने कभी इसे देखा है, और इसपर विचार किया है?
पतंजलि ही नहीं, यौन क्षमता बढ़ाने वाली सैकड़ों कंपनियों के अश्लील विज्ञापन भरे पड़े हैं ! "मोरल पुलिस" कहाँ है ?
(पुष्परंजन की एफबी टाइमलाइन से साभार)


