नई दिल्ली। जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया की जान को ख़तरा है, कोर्ट में आज पेशी के वक़्त कन्हैया पर हमले की योजना थी।

यह कहना है वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी सिंह का। पुलिस चाहे तो वह यह जानकारी देने वाले को शेयर कर सकते हैं।

शीतल पी सिंह की गणना देश के शीर्ष पत्रकारों में होती है। वे कई बड़े मीडिया संस्थानों के साथ महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं।

शीतल पी सिंह ने अपनी फेसबुक टाइमलाइन पर सूचना शेयर की है, जो हम बिना संपादन के नीचे पोस्ट कर रहे हैं।

कन्हैया की जान को ख़तरा है!
बहुत सोच विचार के बाद यह सूचना शेयर कर रहा हूँ ।

मैं दिल्ली से बाहर हूँ । शाम आठ बजे के करीब एक पत्रकार मित्र का मेसेज था , "आपसे अर्जेन्ट बात करनी है"। फोन नं दिया तो उन्होंने बताया ...

कोर्ट में आज पेशी के वक़्त कन्हैया पर हमले की योजना थी । तमाम मसलमैन क़िस्म के चेहरे वकीलों के कोट पहने कोर्ट रूम के अन्दर बाहर फैले हुए थे । एक दक्षिण भारतीय चैनल के रिपोर्टर के कैमरे को रोकने पर विवाद हुआ । वे अपने चेहरे कैमरों में नहीं क़ैद कराना चाहते थे । उन्होंने कोरटरूम के अन्दर से पत्रकारों को खदेड़ना शुरू किया । महिला पुरुष सभी को , वे कोरटरूम में कैमरों से विचलित थे ।

एक पत्रकार का बयान है कि "इन सालों ने गड़बड़ (वीडियो बना लिये) कर दी " , ऐसा उनमें से एक ने कहा । उसने बाक़ियों को रोका "आज ठीक नहीं रहेगा !"

पुलिस चाहे तो मैं यह जानकारी देने वाले को शेयर कर सकता हूँ !

कन्हैया के साथियों की ज़िम्मेदारी है कि पर्याप्त संख्या में कोर्ट में रहें , चाहे मारपीट हो या कुछ और , क्योंकि फ़ासिस्ट ताक़तें नकली देशभक्ति के प्रदर्शन के लिये हिंसा को हथियार बना रही हैं । तमाम प्रोफ़ाइलें सरेआम मारने काटने के आह्वान कर रही हैं , उन्माद भड़का रही हैं ।