नई दिल्ली। हमको रोशनी देने वाले और धरती पर दिन-रात का निर्धारण करने वाले सूर्य पर बड़ा ब्लास्ट कभी भी हो सकता है।
गुरुदेव वेधशाला, वड़ोदरा के निदेशक दिव्यदर्शन डी पुरोहित ने कहा है कि वैसे तो हमारे जीवन और प्राणदाता सूर्य कभी भी अनहोनी करते रहते हैं और उनका ये 2011 से शुरु हुआ चक्र अब तक बरक़रार है और विश्व के तमाम सूर्य विज्ञानियों को, खगोल विज्ञानियों को चक्कर में डाले हुए है। सूर्य को 24 घंटे मॉनिटर करने के बावजूद सूर्य कब क्या कर दे वो समजना मुश्किल हो रहा है।
कभी भी हो सकता है सूर्य पर बड़ा ब्लास्ट
दिव्यदर्शन डी पुरोहित के मुताबिक यूं तो सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र में होने वाले मैसिव फेरबदल से उत्पन्न सोलर फ्लेर्स से ब्लास्ट होते रहते हैं। वर्तमान में सूर्य पर तीन सूर्य कलंक चल रहे हैं मगर इसके अलावा और एक खतरा उत्पन्न हुआ है जो कभी भी ब्लास्ट हो सकता है।
सबसे बड़ी फिलामेंट आई नजर :
वर्तमान में सूर्य पर चार लाख कि.मीटर यानि कि पृथ्वी से चन्द्र के अंतर के बराबर एक फिलामेंट पैदा हो गयी है। ये इतनी बड़ी है कि सबसे बड़े गुरु ग्रह को भी कई बार बांध ले। इसे सूर्य टेलिस्कोप के जरिये पृथ्वी पर से भी देखा जा सकता है।
अब क्या :
ये फिलामेंट अगर असंतुलित होती है तो वो हाइडर फ्लेर्स पैदा करेगी जो सूर्य से टकराकर और भी ज्वालायें पैदा करेगी और फिर वो प्लाज्मा और रेडिएशन के रूप में सौरमंडल में फैलेगी। एक साथ कई सूर्य कलंकों के ब्लास्ट होने जैसी ऊर्जा उत्पन्न होगी।
क्या खतरा :
चूँकि वो अब पृथ्वी के सामने आ रही है तो अगर वो ब्लास्ट होती है तो सौर विस्फोटों से पैदा होने वाली इफेक्ट पैदा कर देगी।
चित्र सौजन्य : सोलर डाइनेमिक वेधशाला और स्पेस वेधर