कश्मीर जल रहा है, मोदी चुपचाप बैठे हैं, अपनी ही छवि के गुलाम बन गए हैं मोदी
कश्मीर जल रहा है, मोदी चुपचाप बैठे हैं, अपनी ही छवि के गुलाम बन गए हैं मोदी
कश्मीर जल रहा है, मोदी चुपचाप बैठे हैं, अपनी ही छवि के गुलाम बन गए हैं मोदी
राहुल गांधी का प्रधानमंत्री मोदी पर कड़ा प्रहार
टीआरपी आधारित है मोदी की राजनीति-राहुल
नई दिल्ली, 2 दिसम्बर। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर करारा राजनीतिक प्रहार करते हुए कहा है कि वह अपनी छवि में कैद हो गए हैं और टीआरपी की राजनीति कर रहे हैं जबकि देश को उनके अहंकार और अक्षमता के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अपनी मां, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अनुपस्थिति में कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की बैठक को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आज यहां कहा,
‘‘कांग्रेस ने देश को कभी ऐसा प्रधानमंत्री नहीं दिया जो अपनी छवि में कैद हो और टीआरपी के हिसाब से अपनी रणनीति बनाता हो और जिसने अपनी छवि बनाने के लिए देश की जनता को मुश्किलों में डाल दिया हो। हमने देश को ऐसा प्रधानमंत्री भी नहीं दिया जिसने संवैधानिक संस्थाओं में बैठे लोगों के अनुभवों को दरकिनार किया हो। देश को हमारे प्रधानमंत्री के गुरूर और अक्षमता के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा है।’’
श्री गांधी ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री जन प्रतिनिधियों की बातों को सुनते तो ऐसी विनाशकारी नीतिगत गलतियों को करने से उन्हें रोका जा सकता था जो अभी वह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के लोगों की आवाज को सुनना ही एकमात्र रास्ता है जिससे वह अपनी छवि के जाल से निकल पायेंगे और जो उन्हें प्रभावी प्रधानमंत्री बनायेगा। लेकिन वह लगातार ऐसा करने से इनकार कर रहे हैं।
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी ने अपने नोटबंदी के ‘विनाशकारी प्रयोग’ के जरिये दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि गलत तरीके से तैयार और आधे अधूरे तरीके से लागू किये गये इस फैसले के परिणाम जल्द ही पूरी दुनिया के समक्ष आ जायेंगे। सभी प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री इसकी पहले ही निंदा करते हुए इसके लक्ष्यों को हासिल करने पर सवाल उठा चुके हैं। मोदीजी ने नया और व्यापक भ्रष्ट कालाबाजार खड़ा किया है जो दिनरात कालेधन को सफेद करने में लगा हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत की पूरी नकदी अर्थव्यवस्था को कालेधन के रूप में गुमराह किया और 86 प्रतिशत भारतीय बैंक नोटों को अमान्य कर 130 करोड़ लोगों के वित्तीय भविष्य के साथ प्रयोग करने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण नकदी कालाधन नहीं है और सम्पूर्ण कालाधन नकदी नहीं है। कालेधन को निशाना बनाने के बजाय उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था के आधार पर ही आघात कर दिया।
उन्होंने कहा कि नोटबंदी के कारण हमारी जीडीपी की वृद्धि दर अवरुद्ध हुई है और गरीबों, किसानों, मजदूरों पर बड़ा आघात लगा है, उद्योग बर्बाद हुए हैं।
कर छूट योजना पर चुटकी लेते हुए राहुल ने कहा कि महिलाओं के हाथों से नकदी छीनी जा रही है। लोगों से उनकी गाढ़ी कमाई के पैसे निकालने का अधिकार छीन लिया गया है। गरीब लोग लाइनों में खड़े हैं और भ्रष्ट लोगों को नये आयकर कानून के तहत रास्ता दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह तथ्य है कि नकदी के रूप में केवल 6 प्रतिशत धनराशि कालाधन है। शेष 94 प्रतिशत कालाधन सोना, रियल इस्टेट, डॉलर के रूप में है। इसे प्रधानमंत्री अच्छी तरह से समझते हैं।
श्री गांधी ने नोटबंदी के दौरान बैंकों की कतारों में खड़े खड़े मरने वाले लोगों को भी श्रद्धांजलि दी।
पीडीपी से गठबंधन करके भारत विरोधी ताकतों को शह
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जब कश्मीर जल रहा है, मोदी इस पर चुपचाप बैठे हैं और उन्होंने पीडीपी से गठबंधन करके भारत विरोधी ताकतों को शह दी है। प्रधानमंत्री मोदी की पाकिस्तान नीति पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी तब मोदी संप्रग की पाकिस्तान नीति को लेकर दोष देते थे.. ‘‘आज वही व्यक्ति चुप बैठा हुआ है।’’
उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार ने पाकिस्तान को अलग थलग कर कश्मीर में शांति लाने का काम किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी को इतिहास में एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जाना जायेगा जिन्होंने भाजपा-पीडीपी के बीच अवसरवादी गठबंधन करके भारत विरोधी ताकतों को व्यापक राजनीतिक अवसर प्रदान किया। उन्होंने वहां ऐसा राजनीतिक शून्य पैदा कर दिया जिससे आतंकवादियों को काम करने का मौका मिला।"
श्री गांधी ने कहा कि राजग सरकार की पाकिस्तान नीति पूरी तरह से विफल है।
भारत के लोग लम्बे भाषणों और गैर जिम्मेदाराना बयानों से प्रभावित क्यों होंगे जबकि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी हमारे सैन्य शिविरों में घुसकर हमारे जवानों को मार रहे हैं?
इसके साथ ही श्री गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सरकार की सर्जिकल स्ट्राइक का पूरा समर्थन किया और ऐसे हर कदम का हमेशा समर्थन करेगी जिससे भारत को आतंकवाद को पराजित करने में मदद मिल सके। लेकिन इसकी कीमत कौन चुका रहा है, कम से कम प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री तो नहीं। इसकी कीमत हमारे सैनिक और उनके परिवार के लोग चुका रहे हैं।
उन्होंने कहा सर्जिकल स्ट्राइक के बाद 21 बार बड़े हमले हुए जिनमें अब तक हमारे 85 सैनिक शहीद हो चुके हैं।
उन्होंने सवाल किया कि क्या हमारी सरकार सैन्य शिविरों की सुरक्षा बनाये रखने के लिए जिम्मेदार नहीं है ? क्या ये युवा केवल भारत सरकार के रिकार्ड का हिस्सा बनने के लिए हैं ?
राहुल गांधी ने कहा कि जिम्मेदार राजनीतिक दल के रूप में कांग्रेस की सर्वोच्च प्राथमिकता देशहित है, साथ ही चेताया कि आने वाले कुछ सप्ताह महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि देश नोटबंदी के प्रभाव से बाहर निकलने का प्रयास करेगा।
मोदी जी ने कश्मीर में राजनीतिक शून्य पैदा किया जिससे आतंकवादियों को मौका मिला, वो हमारे सैन्य शिविरों में घुसकर हमारे जवानों को मार रहे हैं? pic.twitter.com/CBawpPPcEf
— INC India (@INCIndia) December 2, 2016
जब कांग्रेस सत्ता में थी तब मोदी जी संप्रग की पाकिस्तान नीति को लेकर दोष देते थे, आज वो इस मुद्दे पर चुप बैठे हुए है। pic.twitter.com/zdrai7bZFT
— INC India (@INCIndia) December 2, 2016
बार बार आर्मी कैंप पर हमला, शहीद होते जवान, इंटेलिजेंस इनपुट होने के वाबजूद कोई कारवाई ना करना मोदी सरकार की लापरवाही दिखाता है. pic.twitter.com/fmqKKWRdqX
— INC India (@INCIndia) December 2, 2016
कांग्रेस ने भारत को कभी ऐसा प्रधानमन्त्री नहीं दिया जो अपनी ही छवि का गुलाम रहा हो pic.twitter.com/OTvwNOi2Yv
— INC India (@INCIndia) December 2, 2016
Congress never gave India a Prime Minister who was a prisoner of his own image. pic.twitter.com/GeOgsYSPTV
— INC India (@INCIndia) December 2, 2016


