कालिखो पुल हमारे चेहरे पर लगी कालिख है
कालिखो पुल हमारे चेहरे पर लगी कालिख है
जसबीर चावला
कौन है कालिखो पुल
एक नाम मर कर सतत उठी हुई उँगली का
एक नाम, जो कोड़ा है
भ्रष्ट व्यवस्था के उघड़े तन पर
एक जायज़ गुस्सा है
विधायिका के गिरगिट चरित्र पर
सटीक टिप्पणी है संविधान पर
हाथों में दिया चाबुक है
न्याय की बग्घी में बैठे जज साहिबान के लिये
उलाहना है वे बग्घी से उतर कर चाबुक चलायें
एक प्रश्न चिन्ह है
बेबसी है फटकार है
मुँह छुपाते बेशर्म मीडिया पर
उसकी शातिराना चुप्पी पर
आत्म हत्या है बलिदान है
हमारे चेहरे पर लगी कालिख है
कालिखो पुल के नहीं रहने पर
☘ जसबीर चावला
(9 अगस्त, 2016 को ईटानगर में अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कालिखो पुल ने फांसी लगा ली।.खुदकुशी करने के एक दिन पहले कालिखो पुल ने 60 पेज का एक सुसाइड नोट लिखा जिसमें उन्होंने संवैधानिक पदों पर बैठे विभिन्न लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं)


