काश कम्युनिस्ट पार्टियां ही यह समझ पातीं......
काश कम्युनिस्ट पार्टियां ही यह समझ पातीं......
काश, अन्य पिछड़ा वर्ग के पास इन बारीकियों पर नजर रखने वाले राजनेता होते, जैसे कम्युनिस्ट पार्टियों के पास हैं।
प्रमोद रंजन
नई दिल्ली। गत 3 जून को यूजीसी ने एक पत्र जारी कर अन्य पिछड़ा वर्ग को प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर आरक्षण नहीं देने का निर्देश दिया था। इस संबंध में पिछड़ा, दलित व आदिवासी समाज की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आते ही कल पटना में लालू प्रसाद ने प्रेस कांफ्रेंस की तथा अपने अंदाज में इसके विरोध में आंदोलन करने की चेतावनी दी।
आनन फानन में कल यूजीसी ने एक पत्र जारी कर कहा है कि "अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए फैकल्टी पदों पर आरक्षण नियमों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है'। यूजीसी ने कहा कि आरक्षण नियमों का पालन उसके 24 जनवरी, 2007 के पत्र के अनुसार किया जाए।
यूजीसी ने इसमें कहीं नहीं कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग को प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के पदों पर पूर्ववत आरक्षण दिया जाए, जैसा कि सिक्किम सेंट्रल यूनिवर्सिटी, उड़ीसा सेंट्रल यूनिवर्सिटी, केरल सेंट्रल यूनिवर्सिटी आदि द्वारा जारी विज्ञापनों में दिया गया था।
वस्तुत: यूजीसी का यह दूसरा पत्र एक विशुद्ध छल है। 2007 ही नहीं, 2011 में भी जब सुखदेव थोराट यूजीसी के चेयरमैन थे, तब भी यूजीसी ने ऐसे पत्र जारी कर ओबीसी आरक्षण की गलत व्याख्या प्रस्तुत की थी। यूजीसी ने अपने उसी पत्र का हवाला भर दिया है, जिसके अनुसार ओबीसी को इन पदों पर आरक्षण नहीं दिया जाना है क्योंकि ये कथित तौर पर 'इंट्री लेवल' के पद नहीं हैं।
लेकिन लालू प्रसाद तो लालू प्रसाद हैं। उन्हें लगा कि उनकी राजनीति रंग लायी। उन्होंने आज गर्व पूर्वक ट्वीट करवाया है कि
"केंद्र को कल ही चेताया था और कल ही रोल बैक कर लिया।"
क्या रोल बैक कर लिया गया? यूजीसी का 2007 का पत्र क्या है? इन सवालों से तो जैसे उनका कोई वास्ता ही नहीं है।
काश, अन्य पिछडा वर्ग के पास इन बारीकियों पर नजर रखने वाले राजनेता होते, जैसे कम्युनिस्ट पार्टियों के पास हैं। या कम्युनिस्ट पार्टियां ही यह समझ पातीं कि आज अगर मार्क्स होते तो क्या वे निरंतर और दरिद्र होते जाते, सदियों से वंचित इन समूहों के पक्ष में खड़ा होना पसंद नहीं करते?
ये लालू की नहीं देश के 85%बहुसंख्यकों की दमदार आवाज का असर है।केंद्र को कल ही चेताया था और कल ही रोल बैक कर लिया pic.twitter.com/AHRB3LTTrK
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) June 8, 2016
https://www.facebook.com/janvikalp/posts/622533651245488?pnref=story.unseen-section


