विजय पाटनी

इस देश के सर्वोच्च पद पे एक महिला है , इस देश के कर्णधार को कठपुतली की तरह भी एक महिला ही चला रही है , विपक्ष का मोर्चा भी महिला ने संभाल रखा है , कुछ प्रदेशों की मुख्यमंत्री भी महिला ही है, मानवाधिकार आयोग में महिला है और इंडिया को करप्शन मुक्त बनाने में भी महिला आगे है, ||
लेकिन ये महिला मंत्री, नेता किस काम के लिए है जब इनके होते हुए देश में सम्पूर्ण नारी जाती ही सुरक्षित नहीं है? आप कभी भी, किसी भी समय न्यूज़ चला के देख लीजिये, या कोई भी अख़बार उठा के देख लीजिये, देश में महिलाओं के ऊपर हो रहे अत्यचार, बलात्कार की ख़बरें आपको मिल जायेगी और ताज्जुब की बात है कि जिस प्रदेश कि मुख्यमंत्री महिला है, उस प्रदेश में रोजाना महिलाओं की इज्जत को तार - तार किया जा रहा है, फिर चाहे वो राजधानी दिल्ली हो या फिर उत्तरप्रदेश||
यह तो तय है कि, राजनीति में उच्च पद पर आसीन होने के बाद, ये नेता लोग खास हो जाते है, और इन्हें आम जनता के दुःख दर्द की कोई परवाह नहीं रहती, लेकिन नारी तो जन्म से ही सेवा भावी होती है, उसमे दर्द महसूस करने की शक्ति, पुरुषों से कही अधिक होती है, फिर क्यों हमारे देश की उच्च पदों पर आसीन महिलाएं, महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के प्रति उदासीन हैं?
यदि महिलओं के राज में भी वो ही सब होना है तो महिलाओं को आरक्षण दे कर फायदा क्या है ? क्या महिलाओं को बसों में ट्रेनो में संसद में और विधानसभाओं में आरक्षण देना ही काफी है ?
पूरा देश काले धन के लिए लड़ रहा है , भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहा है , लेकिन रोज हो रहे बलात्कार, महिलाओं के साथ बदसलूकी कि घटनाओं के खिलाफ कोई अपनी आवाज क्यूँ नहीं बुलंद कर रहा है?
>क्यों कोई महिला नेता बलात्कारी को कड़ी से कड़ी सजा देने का कानून नहीं लाती ?
>सर्वोच्च पदों पे महिलाओं के आसीन होते हुए भी इस देश कि महिला, अपराधियों के लिए सोफ्ट टार्गेट क्यों है ?
>क्या इस देश कि राजनीति सिर्फ राज करने के लिए रह गयी है ?
मेरी उच्च पदों पर बैठी सभी महिलाओं से , इस लेख के माध्यम से गुजारिश है कि कृपया कर के महिलाओं के साथ बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों पे अपना ध्यान केन्द्रित करें ||
आप किस पार्टी कि है , आप कि पार्टी किस विचारधारा कि है , आप के पार्टी के मेनिफेस्टो में ये मुद्दा है या नहीं इन सब को अलग रख के, नारीत्व कि रक्षा के खातिर सब एक जुट हो कर के कुछ कड़े कानून बनाये और अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाएं , आप को संसद विधान सभा में सम्पूर्ण नारी जाती का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुन के भेजा गया है , तो कृपया कर के अपने स्वार्थ को छोड़ के महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य करें ||
यही समय है जागने का , आप यदि अब भी सोते रहे तो वो समय दूर नहीं है जब इस देश में महिला होना अभिशाप बन जाएगा ||

विजय पाटनी
नसीराबाद