लखनऊ, 28 मार्च। अरविन्द केजरीवाल सरकार को उसके चुनावी वादों की याद दिलाने गये हज़ारों मज़दूरों एवं छात्रों पर 25 मार्च को दिल्ली सचिवालय पर पुलिस के बर्बर लाठीचार्ज तथा महिला कार्यकर्ताओं की वहशी पिटाई और बदसलूकी के विरोध में विभिन्न संगठनों की ओर आज यहां जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा पर विरोध प्रदर्शन किया गया। सभा में केजरीवाल सरकार के विरुद्ध निन्‍दा प्रस्ताव पारित किया गया तथा दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन भी भेजा गया।
प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि चुनाव के दौरान केजरीवाल ने दिल्ली की ग़रीब मेहनतकश आबादी से जो वादे किये थे उन्हें सत्ता में आते ही भूल गये। इन वादों की याद दिलाने के लिए दिल्ली सचिवालय पर गये मज़दूरों की बर्बर पिटाई की गयी,महिला मज़दूरों और छात्राओं को न सिर्फ बेरहमी से मारा गया बल्कि उनके साथ वहशियाना बदसलूकी की गयी। इतना ही नहीं, डेढ़ दर्जन गिरफ्तार लोगों पर फर्जी मुकदमे लगा दिए गए।
वरिष्‍ठ कवि नरेश सक्‍सेना ने कहा कि अन्ना आंदोलन और उसके बाद आप पार्टी के गठन से बहुत से लोगों में जो उम्‍मीदें जगी थीं, वे बहुत जल्‍दी ही टूट गई हैं और अब ये स्‍पष्‍ट होता जा रहा है कि ये भी दूसरी पार्टियों की ही डगर पर चल रहे हैं।
कवयित्री कात्यायनी ने कहा कि इस घटना से साफ हो गया है कि पुरानी पूँजीवादी पार्टियों से जनता के बढ़ते मोहभंग का लाभ उठाकर लोकलुभावन जुमलों और दिखावटी जनसरोकारों की बात करते हुए उभरी यह नयी पार्टी चुनावी बाज़ार में नयी पैकिंग में पुराने माल को बेचने वाले एक धूर्त व्यापारी के सिवा और कुछ नहीं है। ‘आप’ के भीतर इस समय चल रही कुत्ताघसीटी भी यही साबित कर रही है।
कवि अनिल श्रीवास्‍तव ने कहा कि ऐसी दमनात्‍मक कार्रवाइयों के विरोध में साझा आंदोलन खड़ा करने का प्रयास होना चाहिए।
जागरूक नागरिक मंच के सत्यम व आशीष, नौजवान भारत सभा की गीतिका तथा अन्य वक्ताओं ने कहा कि आज जन-अधिकारों पर बढ़ते हमलों के ख़िलाफ पूरे देश में मज़दूर, किसान छात्र, नौजवान, उत्पीड़ित-वंचित तबके सड़कों पर उतर रहे हैं और हर जगह उन्हें भयंकर दमन का सामना करना पड़ रहा है। कहीं सरकारी मशीनरी दमन कर रही है तो कहीं फासिस्ट गुण्डा गिरोह सत्ता की मिली-भगत से उन पर हमले कर रहे हैं। कारपोरेट मीडिया ऐसी तमाम ख़बरों को पूरी तरह ब्लैकआउट कर रहा है लेकिन सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता। दमन-उत्पीड़न और नाइंसाफी की हर घटना के ख़िलाफ आवाज़ उठानी होगी।
जागरूक नागरिक मंच, नौजवान भारत सभा और स्त्री मुक्ति लीग की ओर से आयोजित प्रदर्शन में बुद्धिजीवियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कालेज तथा टेक्सटाइटिल इंजीनियरिंग कालेज, कानपुर के छात्र भी शामिल हुए। इनमें श्री जानकी प्रसाद गौड़, डा. राजीव कौशल, रोडवेज़ संविदा कर्मचारी संघ के होमेंद्र मिश्रा, महानगर बस सेवा कर्मचारी संघ के प्रदीप कुमार पांडेय, आइसा के सुधांशु, अनुराग ट्रस्‍ट के अध्‍यक्ष रामबाबू, पत्रकार संजय श्रीवास्‍तव, स्‍त्री मुक्ति लीग की शाकंभरी, शिप्रा श्रीवास्‍तव, शिवा, रूपा, पत्रकार एस.के. गोपाल, राष्‍ट्रीय प्रस्‍तावना के संपादक प्रभात कुमार आदि प्रमुख थे। इस अवसर पर ‘विहान’ की टोली ने ‘ऐ रहबरे मुल्को-कौम बता, ये किसका लहू है कौन मरा’ और ‘हर ज़ोर जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है’ जैसे गीत भी प्रस्तुत किये।