कॉरपोरेट घरानों के अन्धे लालच के कारण दुनिया एक अन्धकारमय भविष्य की ओर बढ़ रही है
कॉरपोरेट घरानों के अन्धे लालच के कारण दुनिया एक अन्धकारमय भविष्य की ओर बढ़ रही है
लखनऊ, 9 सितम्बर। अनुराग पुस्तकालय में आज 'विभाजित मानवता' विषय पर अपने व्याख्यान में मसूद रिज़वी ने कहा कि कॉरपोरेट घरानों के अन्धे लालच के कारण दुनिया एक अन्धकारमय भविष्य की ओर बढ़ रही है। महान वैज्ञानिक स्टीफ़न हॉकिंग की चेतावनी को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि अगर मानवता इसी रास्ते पर चलती रही तो पृथ्वी पर हमारा भविष्य 100 साल से ज़्यादा नहीं होगा।
दुनिया में बढ़ती गरीबी पर 'टाइटनिंग नूज़ ऑफ़ पॉवर्टी' पुस्तक के लेखक श्री रिज़वी ने कहा कि पूँजीवादी व्यवस्था का आर्थिक संकट तमाम नुस्खों के बावजूद गंभीर होता जा रहा है और अनेक अर्थशास्त्री 2008 से भी अधिक गंभीर मंदी की चेतावनी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसका मूल कारण है कि विकास के तमाम दावों के बावजूद दुनिया में असमानता बढ़ती जा रही है। हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल द्वारा चलाया जा रहा ग्लोबल पॉवर्टी प्रोजेक्ट के मुताबिक दुनिया एक पिरामिड की शक्ल में है जिसके तल में गरीबों की शिाल आबादी है। लेकिन उनकी सारी शोध का मकसद इस बात से समझा जा सकता है कि वे इस विशाल गरीब आबादी को "उभरते हुए बाज़ार" के रूप में देखते हैं।
श्री रिज़वी ने कहा कि मानवता और पृथ्वी को विनाश से बचाने के लिए एक समाज बनाने के बारे में सोचना होगा जिसमें लालच और शोषण की जगह न हो बल्कि समानता और भाईचारा हो।
व्याख्यान के बाद चली चर्चा में आगरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति मंज़ूर अहमद, अफीफ सिराज, कात्यायनी, डी.एन. झा, असग़र मेहदी, सिराज अहमद, डीके भार्गव आदि ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का संचालन सत्यम ने किया। श्रोताओं में काफ़ी संख्या में छात्र, शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे।


