बिजली संकट का कारण भ्रष्टाचार
लखनऊ, 21 दिसम्बर 2013, आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ) ने आरोप लगाया है कि कॉरपोरेट मुनाफे के लिये बिजली दरें बढ़ायी जा रही हैं।
आइपीएफ के प्रदेश संगठन प्रभारी दिनकर कपूर ने कहा कि कॉरपोरेट घरानों के मुनाफे के लिये जनता पर बोझ बढ़ाने के बिजली दरें में वृद्धि का फैसला लेने में सरकार लगी हुयी है। जिसका आइपीएफ चौतरफा विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि उ0 प्र0 में जो अभूतपूर्व बिजली संकट पैदा हुआ है उसके लिये सार्वजनिक क्षेत्र को तबाह कर कॉरपोरेट मुनाफे के लिये विद्युत क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ाने वाली नीतियाँ जिम्मेदार रही हैं।
श्री कपूर ने कहा कि एक रूपए से भी कम में प्रति यूनिट की दर पर बिजली का उत्पादन करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की अनपरा, ओबरा जैसी इकाईयों को लगातार बर्बाद किया जा रहा है। इन इकाइयों समेत पारीक्षा, हरदुआगंज और पनकी की इकाइयाँ 50 प्रतिशत से ज्यादा औसत उत्पादन नहीं कर पाती। वहीं कॉरपोरेट घरानों से महँगी बिजली खरीदने तथा महँगी बिजली खरीद के नाम पर जनता पर बिजली दर वृद्धि का बोझ लादने में सरकार लगी हुयी है। उन्होंने बताया कि बिजली क्षेत्र के घाटे का तर्क भी बेइमानी है क्योंकि आज जो घाटा दिखाया जा रहा है उससे ज्यादा का बकाया है जिसमें से एक बड़ा हिस्सा सरकार का है। उन्होंने कहा कि अखिलेश सरकार बनने के बाद एक बार बिजली दरों में पहले ही वृद्धि की जा चुकी है इसलिये से सरकार को जनता पर एक और बोझ नहीं लादना चाहिए और अपना जनविरोधी प्रस्ताव वापस लेना चाहिए।