लखनऊ। क्या सपा के अपदस्थ राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव पुत्रमोह में अब अपने “लक्ष्मण” शिवपाल सिंह यादव से विश्वासघात कर रहे हैं ?

ऐसी कोई आधिकारिक सूचना तो नहीं है, लेकिन हालिया घटनाक्रम इसतरफ इशारा कर रहे हैं।

दरअसल समाजवादी पार्टी (सपा) का राष्ट्रीय अधिवेशन आगामी चार-पांच अक्टूबर को आगरा में होगा। इस अधिवेशन में सभी की निगाहें इस बात पर लगी है कि सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव इसमें शामिल होंगे या नहीं।

इस अधिवेशन से यह तय हो जाएगा कि सपा के वर्तमान अध्यक्ष अखिलेश यादव का असल विरोधी कौन है, उनके पिता जिन्हें उन्होंने पार्टी के अध्यक्ष पद से हटाया था, उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव या फिर वे जिन्होंने आगरा सम्मेलन से दूरी बनायी है।

बीते शुक्रवार को अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव से मुलाकात कर उन्हें आगरा में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेने का निमंत्रण दिया था। लेकिन सूत्रोंके मुताबिक पार्टी ने इसका निमंत्रण सपा के इटावा से विधायक और अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव को नहीं भेजा है। अब सबकी निगाहें इस ओर लगी हैं कि पिछले ढाई दशक से मुलायम के हर सुख-दुख में उनकी छाया बनकर शिवपाल के साथ विश्वासघात कर क्या मुलायम सपा के अधिवेशन में जाएंगे ?

उधर चर्चा यह भी है कि अखिलेश यादव, अपने पिता को राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद सौंपने को तैयार हो गए हैं, पर उन्होंने शर्त रखी है कि मुलायम को शिवपाल से नाता तोड़ना पड़ेगा और कार्यकारी अध्यक्ष अखिलेश बनेंगे। अब देखना है कि क्या मुलायम शिवपाल को छोड़ देंगे ?

बता दें बीती एक जनवरी को मुलायम सिंह यादव को पार्टी के अध्यक्ष पद से हटाये जाने के बाद से सैफई राजवंश में सिर-फुटौव्वल जारी है।