लखनऊ। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधान परिषद सदस्य डॉ.राकेश सिंह राना ने कहा है कि यदि स्मार्ट सिटी पर खर्च किए जाने वाले 48 हज़ार करोड़ रुपये गाँव की मूलभूत ज़रूरतों पर खर्च किये जाएं तो पूरे देश के गाँव की मूलभूत ज़रूरतें पूरी जो जायेंगी।
सपा के पूर्व प्रदेश महासचिव और स्टेट गेस्ट हाउस कांड में आरोपी रहे डॉ.राकेश सिंह राना ने कहा कि भारत सरकार की स्मार्ट सिटी योजना से 98 शहरों की जिन्दगी और बेहतर हो जाएगी यह अच्छी बात है, परन्तु गाँव की जिन्दगी बेहतर हो, इसकी ओर भारत सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जबकि लगभग 70% जनता गाँव में निवास करती है, जहां न अच्छे स्कूल हैं, और अस्पताल, सड़कें, नालियां, पानी व बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी नहीं है।

एक बयान में डॉ. राना ने कहा कि स्मार्ट सिटी वाली सुविधाएँ तो गाँव के लिए सपना ही हैं। गांवों से लोगों के पलायन का कारण भी सुविधाओं का न होना ही है। यह कदम भरे पेट वालों को और अच्छा भोजन खिलाने और भूखे को खाली भोजन का आश्वासन देने जैसा है।
उन्होंने कहा कि जिस 48 हज़ार करोड़ रुपये से स्मार्ट सिटी बनेंगे, यदि इ्सी प्रकार 48 हज़ार करोड़ रुपये गाँव की मूलभूत ज़रूरतों पर खर्च किये जाएं तो पूरे देश के गाँव की मूलभूत ज़रूरते पूरी जो जायेंगी।