गाज़ा जनसंहार को याद करो! मत भूलो, मत माफ़ करो!!
गाजा पर इज़रायली हमले की पहली बरसी और फ़ि‍लिस्तीन के ख़िलाफ़ जारी इज़रायल की जनसंहारी मुहिम के विरोध में
फ़ि‍लिस्तीन के साथ एकजुटता कन्वेंशन, 22-23 अगस्त 2015, नयी दिल्‍ली
प्रिय मित्रो,
इस सदी के सबसे बर्बर जनसंहारों में से एक, गाज़ा पर इज़रायली हमले के बाद एक वर्ष बीत चुका है। मगर बमों से क्षत-विक्षत, आग में जले हुए, उड़े हुए अंगों और ख़ून से लथपथ बच्‍चों के नन्‍हे शरीर आज भी हमारी आंखों के सामने से हटते नहीं हैं। गाज़ा और फ़ि‍लिस्‍तीनी लोगों पर इज़रायली हमले अब भी लगातार जारी हैं। पिछले साल जुलाई और अगस्‍त में 50 दिनों तक चले इस हमले में करीब 2200 फ़ि‍लिस्‍तीनी लोग मारे गये थे जिनमें 500 से ज़्यादा बच्‍चे थे। 11,000 लोग ज़ख़्मी या अपंग हो गये जिनमें 3000 से ज़्यादा बच्‍चे हैं। मरने वालों में तीन-चौथाई नागरिक थे। 5 लाख से ज़्यादा लोग बेघर हो गये जिनमें से ज़्यादातर आज भी आबाद नहीं हो सके हैं क्‍योंकि इज़रायली ज़ायनवादी घरों-स्‍कूलों-अस्‍पतालों को फिर से बनाने से लेकर बिजली-पानी-ज़रूरी सामानों की आपूर्ति बहाल करने तक हर क़दम पर बाधा डाल रहे हैं। फ़ि‍लिस्‍तीनी बस्तियों-गाँवों को उजाड़कर इज़रायली अमीरों को बसाया जा रहा है। दुनियाभर में थू-थू और जनता के भारी विरोध के बावजूद अमेरिका की शह पाये हुए ज़ायनवादी एक पूरी क़ौम को मिटा देने की पागलपनभरी मुहिम जारी रखे हुए हैं।
ऐसे में गाज़ा जनसंहार की पहली बरसी पर फ़ि‍लिस्‍तीनी जनता के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए हमने नयी दिल्‍ली में दो दिन का कन्‍वेंशन आयोजित किया है। यह इसलिए भी महत्‍वपूर्ण है क्‍योंकि एक ओर जहाँ बीडीएस (बहिष्‍कार, विनिवेश, प्रतिबंध) आन्‍दोलन को दुनियाभर में मिलते समर्थन से इज़रायली कम्‍पनियों और हुक़्मरानों पर दबाव बढ़ रहा है, वहीं दूसरे ओर मोदी सरकार इज़रायल से व्‍यापारिक और सैनिक रिश्‍ते बढ़ा रही है और अमेरिका के बाद इज़रायल भारत को हथियारों का दूसरा सबसे बड़ा सप्‍लायर बन गया है। ज़ायनवादी फ़ासिस्‍टों और हिन्‍दुत्‍ववादी फ़ासिस्‍टों का गुप्‍त प्रेम-प्रसंग अब खुले में आ चुका है।
इस कन्‍वेंशन से फ़ि‍लिस्‍तीनी जनता और दुनिया के इंसाफ़पसन्‍द अवाम को यह भी सन्‍देश जायेगा कि हिन्‍दुस्‍तान के हुक़्मरान भले ही हत्‍यारों के साथ खड़े हों, यहाँ की जनता अपने फ़ि‍लिस्‍तीनी भाई-बहनों और मुक्ति के लिए उनके संघर्ष के साथ है।
कन्‍वेंशन का कार्यक्रम नीचे दे रहे हैं। आप सबको इसमें भागीदारी करनी है। इसे ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें और अपने दोस्‍तों-साथियों के साथ कन्‍वेंशन में पहुँचें। किसी भी जानकारी, राय, सुझाव के लिए हमसे नीचे दिये पतों पर संपर्क करें।
गर्मजोशी भरे अभि‍वादन के साथ,
फ़ि‍लिस्‍तीनी के साथ एकजुट भारतीय जन
कार्यक्रम
22 अगस्त
दिन में 1.30 से 5 बजे तक विचार गोष्ठी
विषयः मध्य-पूर्व में नया साम्राज्यवादी खाका और फ़ि‍लिस्तीनी मुक्ति का सवाल
शाम 5.30 से 8.30 बजे तक कविता पाठ - फ़ि‍लिस्तीन पर केन्द्रित भारतीय कवियों की कविताएँ और फ़ि‍लिस्तीनी कविताएँ
23 अगस्त
दिन में 1 से 4 बजे तक विचार गोष्ठी
विषयः ज़ायनवाद और फ़ि‍लिस्तीनी मुक्ति संघर्ष - ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, चुनौतियाँ और सम्भावनाएँ
शाम 4.30 से 8.30 बजे तक फ़ि‍लिस्तीन पर केन्द्रित डॉक्युमेंट्री और फ़ीचर फ़ि‍ल्मों का प्रदर्शन
दोनों दिन 1 से 8.30 बजे तक गाज़ा जनसंहार और फ़ि‍लिस्तीनी जनता के संघर्ष पर पोस्टर, पेंटिंग्स, इंस्टॉलेशन और फ़ोटोग्राफ़्स की प्रदर्शनी
कार्यक्रम स्‍थल: ऐवाने ग़ालिब ऑॅडिटोरियम (ग़ालिब इंस्टीट्यूट), ऐवाने ग़ालिब मार्ग, माता सुन्दरी लेन (निकट आई.टी.ओ.), नई दिल्ली - 110002
संपर्कसूत्र: 9971158783 (कविता), 9971196111 (आनन्‍द), 8853093555 (सत्‍यम), ईमेल: [email protected], फ़ेसबुक: facebook.com/indianpsp