लखनऊ, 13 दिसंबर। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक द्वारा पिछले दिनों बाबरी मस्जिद की जगह राम मंदिर बनाने के बयान को आपत्तिजनक एवं गैर संवैधानिक बताते हुए रिहाई मंच ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। रिहाई मंच ने कहा है कि धर्मान्तरण के मुद्दे पर भी राम नाईक को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

रिहाई मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शुऐब ने कहा है कि इस तरह का बयान देने वाले राज्यपाल को यह नहीं भूलना चाहिए कि वे नागपुर के संघ मुख्यालय में नहीं बल्कि राजभवन में एक संवैधानिक पद पर हैं। अगर वे राज्यपाल के संवैधानिक पद पर बने रहते हुए भी संविधान को न मानने वाले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता के बतौर बयानबाजी करेंगे तो उन्हे सूबे की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी पार्टियों को इस मुद्दे पर राष्ट्रपति से मिल कर नाईक को हटाने की मांग करनी चाहिए।

मोहम्मद शुऐब ने कहा कि बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। वहां मंदिर बनेगा कि मस्जिद यह तय करने का अधिकार सिर्फ न्यायालय को है, इसलिए नाईक का यह बयान एक विचाराधीन मामले में हस्तक्षेप और अदालत की अवमानना है। लिहाजा सुप्रीम कोर्ट को चाहिए कि वह अपने अधिकार और गरिमा की रक्षा करते हुए नाईक के बयान पर स्वतः संज्ञान लेते हुए उन्हें तलब करे। वहीं, नागरिक परिषद के वरिष्ठ नेता रामकृष्ण ने कहा कि नाईक के इस बयान से लगता है कि वे राजभवन को खाप पंचायत की भूमिका में लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राम नाईक का बयान यह साबित करता है कि सत्ता में आने के बाद भाजपा और संघ परिवार के कार्यकर्ता संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और न्यायपालिका को धमकाने में लगे हुए हैं, ऐसे में राष्ट्रपति को अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए उन्हें तत्काल वापस बुला लेना चाहिए।

सामाजिक न्याय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा है कि एक तरफ जब संघ परिवार के गुंडा तत्व गरीब मुसलमानों को आधार कार्ड और बीपीएल कार्ड बनवाने के बहाने जबरन धर्मान्तरण करा कर प्रदेश का माहौल बिगाड़ रहे हैं, उसी बीच राज्यपाल का यह बयान आना कि बाबरी मस्जिद की जगह राम मंदिर बनाया जाए, साबित करता है कि संघ परिवार ने अपने सांप्रदायिक एजेंडे को फैलाने के लिए अपने गुंडा तत्वों और संवैधानिक पद पर बैठाए गए लोगों को लगा दिया है। जो मिल जुल कर पूरे प्रदेश में दंगे का माहौल बना रहे हैं। राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि नाईक को बाबरी मस्जिद की जगह मंदिर बनाने के विचार के साथ ही महात्मा गांधी के हत्यारे गोडसे पर भी अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए कि वे उसे संघ परिवार की तरह देश भक्त मानते हैं या फिर देश द्रोही।

Posted on December 13,2014 03:00