छत्तीसगढ़ : स्कूल डेवलपमेंट के नाम पर खुलेआम हुई लूट, सरपंचों ने हड़प लिये 10 करोड़
छत्तीसगढ़ : स्कूल डेवलपमेंट के नाम पर खुलेआम हुई लूट, सरपंचों ने हड़प लिये 10 करोड़
महालेखाकार की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि छत्तीसगढ़ में पंचायतों में स्कूल डेवलपमेंट के नाम पर दिये गये 10 करोड़ सरपंचों ने हड़प लिये और यह लूटखुले आम हुई।
महालेखाकार ने स्कूलों की गुणवत्ता पर कहा कि शासन द्वारा आयोजित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान सर्वेक्षण के अनुसार कुल विद्यालयों में केवल 25 प्रतिशत विद्यालयों ने ग्रेड ए प्राप्त किया जबकि शेष 75 प्रतिशत को बी से डी के अंतर्गत श्रेणीबद्ध किया गया जिसमें 12 प्रतिशत को केवल ग्रेड डी में रखा गया।
राज्य में मार्च 2016 की स्थिति में 876 बसाहटों में विद्यालय तथा 1231 बसाहटों में उच्च प्राथमिक विद्यालय नहीं थे। आगे अधिनियम की धारा 25 के उल्लंघन में राज्य के बसाहटों के विद्यालयों में प्रतिकूल शिष्य अध्यापक अनुपात के साथ-साथ अधिशेष शिक्षक सहअस्तित्व में थे।
शासन ने असंतुलन को दूर करने हेतु सर्वोत्कृष्ट अनुपात को तीन वर्षो के भीतर अर्थात मार्च 2013 तक प्राप्त करने के लिए शिक्षकों की उपलब्धता को युक्तिसंगत करने हेतू कोई भी व्यवस्था नहीं की। इसके अतिरिक्त, अधिनियम की धारा(23) (2) के उल्ललंघन में राज्य में मार्च 2016 की स्थिति में 11,963 शिक्षक (20 प्रतिशत) अप्रशिक्षित थे।
खुलेआम किया घोटाला
पंचायतों में स्कूल डेवलपमेंट के नाम पर दिये गये 10 करोड़ सरपंचों ने हड़प लिये। सबसे ज्यादा सरगुजा क्षेत्र के पंचायतों में गड़बड़ी हुई जहां करीब 9 करोड़ सरपंचों हड़प लिये। तो वहीं कांकेर पीएचई के इंजीनियर ने 2 करोड़ के 174 चेक खुद के नाम पर बना लिये।
एक कंपनी रोड के मेजरमेंट के लिए नियुक्त किया गया था.. लेकिन वो कंपनी भी गलत तरीके से मेजरमेंट कर सरकार को करीब 8 से 10 करोड़ का चूना लगाकर फरार हो गयी। स्कूलों में इन्फ्रास्टक्चर के लिए आया 858 करोड़ सैलरी के लिए बांटी गई। 18 करोड़ खर्च कर बना होटल मैनेजमेंट में आज तक कोर्स शुरू नहीं हुआ एक स्टूडेंट भी पास नहीं हुआ।
प्राइवेट स्कूल कमा रहे मुनाफा
निजी स्कूल नियमों के मुताबिक मुनाफा नहीं कमा सकते हैं। लेकिन कई बड़े स्कूल मुनाफा कमा रहे हैं। हालांकि राजधानी के ही बड़े-बड़े स्कूल आरटीआई के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।


