अब देश के हर नागरिक को 'जेड प्लस' सुरक्षा चाहिए...
जेड प्लस सुरक्षा कर्मियों की अगर कमी है तो सभी स्थानीय पुलिस, होमगॉर्ड को 'जेड प्लस कर्मी' का दर्जा दे दें...' ऐसा इसलिए कि 'आतंकवादी हमले' में सबसे ज्यादा आम निर्दोष नागरिक ही मारे जाते हैं।
दूसरी बात कि हर नागरिक का जीवन उतना ही महत्वपूर्ण है जितना आरएसएस प्रमुख श्री मोहन भागवत का...
देश की एकता व अखंडता की रक्षा के लिए पंजाब में खालिस्तानी उग्रवादियों के खिलाफ संघर्ष में 200 से भी अधिक मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपनी जानें कुर्बान की थीं।
... ऐसा तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी ने रिपोर्ट जारी करते हुए संसद में खुलासा किया था।

बहरहाल इसके बाबजूद; राष्ट्रीय स्तर के शीर्ष कम्युनिस्ट नेताओं ने अपनी सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार से कभी 'जेड प्लस' सुरक्षा की मांग नहीं की, क्योंकि, कम्युनिस्ट नेताओं का हमेशा विश्वास रहा है कि जनता के लिए आजीवन संघर्ष करने वालों की हिफाजत भी जनता स्वयं करती है।

अखिलेश चंद्र प्रभाकर

अखिलेश चंद्र प्रभाकर, तीसरी दुनिया का सामाजिक नेटवर्क