जनविरोधी मोदी सरकार का बजट मोदी सरकार के चरित्र के अनुरूप ही
जनविरोधी मोदी सरकार का बजट मोदी सरकार के चरित्र के अनुरूप ही
कारपोरेटहितैषी और जनविरोधी मोदी सरकार का बजट- आइपीएफ
इस जनविरोधी मोदी सरकार का बजट में भी विकास के सम्बन्ध में हवा-हवाई आंकडेबाजी की गयी है
लखनऊ 28 फरवरी। मोदी सरकार के वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा संसद में पेश बजट को जनविरोधी मोदी सरकार का बजट बताते हुए आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एस0 आर0 दारापुरी ने इसे कारपोरेटहितैषी, जनविरोधी, महंगाई और बेरोजगारी बढ़ाने वाला बताया है।
एस0 आर0 दारापुरी ने कहा कि बजट में कारपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए टैक्स में पांच प्रतिशत की छूट और उन पर लगने वाले वेल्थ टैक्स को समाप्त कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें 6 लाख करोड़ रुपए का इन्सेन्टिव सब्सिडी के नाम पर दिया गया है। बजट में देश के सार्वजनिक उद्योग-धंधों के विनिवेशीकरण और निजीकरण के जरिए धन जुटाने की योजना है जो रोजगार के अवसरों में और कमी ही करेगा। उन्होंने कहा कि यह बजट किसान-मजदूर, मध्यवर्ग और गरीबों के विरुद्ध है और महंगाई बढ़ाने वाला है।
उन्होंने आगे कहा कि इस बजट में इन्कम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, वहीं सर्विस टैक्स में वृद्धि से जीवनोपयोगी वस्तुएं महंगी हो जायेंगी। बजट में जनता के लिए आवश्यक शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे मदों में कटौती की गयी है और सामाजिक सुरक्षा के लिए चल रही मिड डे मील, सर्व शिक्षा अभियान, मनरेगा और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को कमजोर किया गया है। देश में जब स्वाइन फ्लू जैसी नयी और बड़ी महामारी फैली हुई हो तो स्वास्थ्य मद में कटौती सरकार का आपराधिक कृत्य है। ईपीएफओ में पेंशन और पीएफ के विकल्प के जरिए मजदूरों की जीवन सुरक्षा के लिए बनी इस योजना को ही कमजोर कर इसमें जमा मजदूरों की बचत को बाजार के हाथों बेचने का प्रयास किया गया है। मोदी सरकार के चरित्र के अनुरूप ही इस बजट में भी विकास के सम्बन्ध में हवा-हवाई आंकडेबाजी की गयी है।


