जम्मू-कश्मीर में विधानसभा भंग करके नए सिरे से चुनाव कराएं जाएं : भीम सिंह
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा भंग करके नए सिरे से चुनाव कराएं जाएं : भीम सिंह
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन का मामला बहुत रोचक हो गया है। एक तरफ जहां पीडीपी ने घोषणा की है कि 13 जनवरी के बाद महबूबा मुफ्ती मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी, वहीं नेशनल पैंथर्स पार्टी ने मांग की है कि विधानसभा भंग कर चुनाव कराए जाएं। आज सुबह जम्मू प्रेस क्लब में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए पैंथर्स मुख्य संरक्षक प्रो. भीम सिंह ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि वे राज्य में उत्पन्न गम्भीर संकट के लिए शीघ्र राज्यपाल को जम्मू-कश्मीर विधानसभा को भंग करने की सलाह दें, जिससे इस साल के अंत तक नए चुनाव हो सकें और जम्मू-कश्मीर संविधान के अनुसार नई सरकार चुनी जा सके, जो भारतीय संविधान से भिन्न है।
वरिष्ठ अधिवक्ता एवं संवैधानिक मामलों के विशेषज्ञ प्रो. भीमसिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की वर्तमान राजनीतिक स्थिति को ठीक नहीं किया जा सकता, सिर्फ सत्ता के भूखे नेताओं के लिए सरकार नहीं बनायी जा सकती। उन्होंने कहा कि यही लोग राज्य में भ्रष्टाचार, आतंकवाद, कानूनी अव्यवस्था और राजनीतिक गंदगी के जिम्मेदार हैं।
प्रो. भीमसिंह ने जोर दिया कि राज्यपाल को विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्सीमांकन आरम्भ कर देनी चाहिए। सर्वप्रथम जम्मू प्रदेश की सभी आरक्षित सीटों का शीघ्र रोटेशन किया जाना चाहिए, जो लगभग दो दशकों से आरक्षित रखी हुई हैं। उन्होंने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों का संविधान के अनुसार परिसीमन कराने की मांग की।
प्रो. भीमसिंह ने की कि जम्मू-कश्मीर को पुनर्गठित करके जुड़वां राज्य, जम्मू प्रदेश और कश्मीर घाटी कायम किया जाय, ताकि दोनों राज्य पूरी शक्तियों के साथ विकास कर सकें।
प्रो. भीम सिंह ने जम्मू-कश्मीर के लोगों से अपील की कि वे इस पहलू पर विचार करें, जो सभी क्षेत्रों के लोगों की उन्नति, विकास और सम्मानजनक पुनर्वास का एकमात्र हल है।


