ज़ाकिर नायक और ध्रुव सक्सेना में फर्क है ? ISI एजेंट भाजपा समर्थक और नरेंद्र मोदी से प्रेरित थे
ज़ाकिर नायक और ध्रुव सक्सेना में फर्क है ? ISI एजेंट भाजपा समर्थक और नरेंद्र मोदी से प्रेरित थे
मसीहुद्दीन संजरी
मध्य प्रदेश एटीएस द्वारा बुधवार को राज्य में हुई पाकिस्तानी जासूसों गिरफ्तारी के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है कि पिछले साल पठानकोट और उरी में हुए आतंकी हमले को कराने में इन्हीं जासूसों ने मदद की थी।
जांच में एटीएस को पठानकोट और उरी में हुए हमलों से जुड़ी जानकारी इन जासूसों के पास से भी मिली है।
ये जानकारियां वैसी ही हैं जो आतंकियों के पास थी।
इन खुफिया जानकारियों को पाकिस्तान में मध्य प्रदेश के नेटवर्क का इस्तेमाल कर भेजी जा रही थी।
अब भाजपा सरकार और संघ के नेताओं के बयानों को भी एक बार मुड़ कर देखा जाना चाहिए जो उस समय उन्होंने क्या कहा था? वैसे साध्वी प्रज्ञा की तरह इस मामले को भी अगर सरकार चाहेगी तो खा ही जाएगी।
मध्य प्रदेश जासूसी कांड के बाद पता चला कि भाजपा के कुछ कार्यकर्ता जासूसी में कितने माहिर हैं। किसी के घर की फ्रीज में क्या रखा है वह ऐसे ही नहीं पता लगा लेते थे। अब देखना है कि इस तरह की महारत अभी कितनों को हासिल है?
ज़ाकिर नायक और ध्रुव सक्सेना में फर्क है यययययय।
मध्य प्रदेश से आईएसआई के मखबिरों की गिरफ्तारी के बाद से मीडिया इस तरह से खामोश है जैसे कोई राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया हो और वह मौन श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हों।
मध्य प्रदेश में पकड़े गए आईएसआई के एजेंट भाजपा के समर्थक और नरेंद्र मोदी से प्रेरित थे। ज़ाकिर नायक के भाषणों और विचारों से प्रेरित आतंकियों के नाम पर ज़ाकिर नायक और उनके ट्रस्ट के खिलाफ कारवाई हो सकती है तो आईएसआई के इन एजेंटों की गिरफ्तारी के बाद उनके प्रेरणा स्रोतों के खिलाफ भी वही कारवाई होगी?


