जीएसटी संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के मसौदे में राज्यों की चिंताओं का ध्यान- जेटली
जीएसटी संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के मसौदे में राज्यों की चिंताओं का ध्यान- जेटली
ऩई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भरोसा दिलाया है कि वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के मसौदे में राज्यों की चिंताओं को ध्यान में रखा गया है। प्रस्तावित कानून को उन्होंने आजादी के बाद देश का सबसे बड़ा एकल कर सुधार करार दिया।
राज्यसभा में मौजूदा वित्त वर्ष की अनुदान की अनुपूरक मांगों पर हुई संक्षिप्त चर्चा का जवाब देते हुए जेटली ने कहा कि यह कानून देश में सहयोगात्मक संघवाद को मजबूत करेगा, क्योंकि जीएसटी के बारे में निर्णय करने वाली परिषद में दो तिहाई सदस्य राज्यों से जबकि एक तिहाई सदस्य केंद्र के होंगे। उन्होंने कहा कि इस परिषद में 75 फीसदी के बहुमत से निर्णय किए जाएंगे।
वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले सप्ताह 11 दिसंबर को चंद राज्यों के मंत्रियों एवं प्रतिनिधियों के साथ उनकी बैठक हुई थी, जिसमें जीएसटी से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के मसौदे को दिखाया गया। उन्होंने कहा कि राज्यों की राय पर इस मसौदे में कुछ सुधार भी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी ही बैठक विगत सोमवार को भी हुई थी। जीएसटी केंद्र एवं राज्य दोनों ही के लिए लाभ की स्थिति होगा।
श्री जेटली ने कहा कि जीएसटी लागू होने से राज्यों को कर की जो हानि होगी उसकी भरपाई के लिए संवैधानिक गारंटी का प्रावधान होगा। उन्होंने कहा कि वैट के विपरीत इसमें केवल अंतिम बिन्दु पर कर लगाया जाएगा। इससे व्यावहारिक स्तर पर कई फायदे होंगे।
कांग्रेस के जयराम रमेश ने वित्त मंत्री से यह स्पष्टीकरण मांगा था कि पिछली सरकार में, गुजरात ही एकमात्र ऐसा राज्य था, जो जीएसटी का काफी विरोध कर रहा था। उन्होंने कहा कि अब ऐसा क्या बदलाव आ गया कि गुजरात इसके समर्थन में आ गया है, सिवाय इसके कि गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री अब देश के प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस पर जेटली ने कहा कि यह हो सकता है कि राज्यों का मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सहयोगात्मक संघवाद पर अधिक भरोसा बढ़ गया हो। तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन के स्पष्टीकरण के जवाब में उन्होंने कहा कि जीएसटी के मामले में केंद्र सरकार ने जो भी निर्णय किए हैं वे इस संबंध में बनाई गई, राज्यों के वित्त मंत्रियों की समिति में पारित किए गए प्रस्ताव के अनुरूप हैं।


