जेटली साहब, सच्चाई यह है कि आपकी सेना निहत्थे लोगों पर गोलियां बरसा रही है
उज्ज्वल भट्टाचार्या
वाह जेटली साहब, लाजवाब !
आप कहते हैं, पत्थर फेंकने वाले सत्याग्रही नहीं हैं.

वे खुद भी अपने-आपको सत्याग्रही नहीं कहते हैं. कोई उन्हें सत्याग्रही नहीं कह रहा है.

लेकिन सच्चाई यह है कि आपकी सेना निहत्थे लोगों पर गोलियां बरसा रही है.
इन घायल हो चुके, अंधे हो चुके बच्चों को सत्याग्रह का मतलब भी नहीं पता है. गोलियों से छलनी उनकी तस्वीरें आज सारी दुनिया में फैल चुकी हैं.
ये तस्वीरें चीख-चीखकर कह रही हैं कि भारतीय राज्यसत्ता आज कश्मीर में एक ख़ूंखार दमन की सत्ता है.
सारी दुनिया में आपने भारत की यह तस्वीर बना रखी है.
सत्याग्रही नहीं हैं, वे पत्थर फेंक रहे हैं, इसलिये बच्चों को गोलियों से छलनी कर दिया जाएगा.
वह अध्यापक भी पत्थर फेंक रहे थे, आपकी हिरासत में जिनकी हत्या की गई ?
वाह जेटली साहब, वाह !
उज्ज्वल भट्टाचार्या की फेसबुक टाइमलाइन से साभार
Save

Save

Save